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	<title>Expert Archives - Udit Vani</title>
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	<description>पत्रकारिता में विश्वसनीयता के चार दशक</description>
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	<title>Expert Archives - Udit Vani</title>
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		<title>CSIR-NML का &#8216;खनिज अनुसंधान और सतत विकास&#8217; पर राष्ट्रीय सम्मेलन, कोलकाता में जुटेंगे विशेषज्ञ</title>
		<link>https://uditvani.in/jharkhand/jamshedpur/csir-nml-national-conference/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[UditVaniDigital]]></dc:creator>
		<pubDate>Wed, 29 Jan 2025 08:51:26 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[जमशेदपुर]]></category>
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					<description><![CDATA[<p>उदित वाणी, जमशेदपुर: CSIR-NML, जमशेदपुर 30-31 जनवरी को कोलकाता के न्यू टाउन स्थित फेयरफील्ड बाय मैरियट होटल में &#8220;संसाधनों के सतत उपयोग के लिए कोयला और खनिज लक्षण-वर्णन में नवाचार (ICMCS-2025)&#8221; विषय पर राष्ट्रीय सम्मेलन का आयोजन करेगा. यह सम्मेलन एनएमएल के प्लेटिनम जयंती समारोह का हिस्सा है, जिसका उद्देश्य खनिज संसाधनों के सतत उपयोग, [...]</p>
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										<content:encoded><![CDATA[<p><strong><span style="color: #800080;">उदित वाणी, जमशेदपुर:</span> </strong>CSIR-NML, जमशेदपुर 30-31 जनवरी को कोलकाता के न्यू टाउन स्थित फेयरफील्ड बाय मैरियट होटल में &#8220;संसाधनों के सतत उपयोग के लिए कोयला और खनिज लक्षण-वर्णन में नवाचार (ICMCS-2025)&#8221; विषय पर राष्ट्रीय सम्मेलन का आयोजन करेगा. यह सम्मेलन एनएमएल के प्लेटिनम जयंती समारोह का हिस्सा है, जिसका उद्देश्य खनिज संसाधनों के सतत उपयोग, नवाचार और ज्ञान साझाकरण को बढ़ावा देना है.</p>
<p><strong><span style="color: #800080;">प्रमुख अतिथि और वक्ता</span></strong><br />
सम्मेलन के उद्घाटन सत्र में सीएमपीडीआई, रांची के अध्यक्ष एवं प्रबंध निदेशक मनोज कुमार मुख्य अतिथि होंगे, जबकि जियोवेल सर्विसेज, कोलकाता के सीईओ एवं निदेशक बिप्लब चटर्जी विशिष्ट अतिथि रहेंगे. इसके अलावा, सीएसआईआर-एनएमएल, जमशेदपुर के निदेशक डॉ. संदीप घोष चौधरी, सम्मेलन की अध्यक्ष डॉ. संचिता चक्रवर्ती और संयोजक डॉ. राजेन कुंडू भी इस अवसर पर उपस्थित रहेंगे.</p>
<p><strong><span style="color: #800080;">मुख्य वक्ताओं में शामिल हैं:</span></strong></p>
<p>अच्युत घटक, निदेशक (तकनीकी), कोल इंडिया लिमिटेड<br />
सुंदर रामम डीबी, उपाध्यक्ष (रॉ मैटेरियल), टाटा स्टील<br />
जॉय गोपाल घोष, एसोसिएट प्रिंसिपल (भूविज्ञान एवं अन्वेषण), जियोवेल सर्विसेज</p>
<p><strong><span style="color: #800080;">विशेषज्ञों और शोधकर्ताओं का समागम</span></strong><br />
देशभर के 30 से अधिक संस्थानों के करीब 100 प्रतिनिधि और विशेषज्ञ इस सम्मेलन में भाग लेंगे. इसमें कुल छह तकनीकी सत्रों के दौरान 37 शोध पत्र प्रस्तुत किए जाएंगे. इस आयोजन का उद्देश्य कोयला और खनिज लक्षण-वर्णन में नवाचार, चुनौतियों और अवसरों पर मंथन करना है.</p>
<p>प्रतिष्ठित संस्थानों के प्रतिनिधि इसमें शामिल होंगे, जिनमें<strong><span style="color: #800080;"> BHU वाराणसी, IIT खड़गपुर, AMD जमशेदपुर, मिजोरम विश्वविद्यालय, CSIR-NML जमशेदपुर, CMPDI रांची, कोल इंडिया लिमिटेड, CSIR-CIMFR धनबाद, टाटा स्टील, GSI कोलकाता, JNARDDC नागपुर, CSIR-IMMT भुवनेश्वर, महानदी कोल लिमिटेड</span></strong> सहित अन्य प्रमुख संस्थान शामिल हैं.</p>
<p><strong><span style="color: #800080;">खनिज अनुसंधान और नवाचार पर होगा फोकस</span></strong><br />
आईसीएमसीएस-2025 में उन्नत प्रौद्योगिकियों, संसाधन अन्वेषण, विश्लेषणात्मक तकनीकों, सज्जीकरण और प्रमाणित संदर्भ सामग्री पर चर्चा होगी. सम्मेलन उद्योग जगत, शोधकर्ताओं और नीति निर्माताओं के लिए एक साझा मंच प्रदान करेगा, जिससे इष्टतम संसाधन उपयोग, पर्यावरण संरक्षण और औद्योगिक विकास को बढ़ावा मिलेगा.</p>
<p><strong><span style="color: #800080;">संवाद और सहयोग का बेहतरीन अवसर</span></strong><br />
इस दो दिवसीय आयोजन में तकनीकी सत्रों के साथ-साथ मौखिक प्रस्तुतियाँ और पोस्टर प्रदर्शन भी होंगे, जो कोयला एवं खनिज लक्षण-वर्णन के विभिन्न पहलुओं को कवर करेंगे. यह सम्मेलन नेटवर्किंग, नए सहयोग स्थापित करने और टिकाऊ खनन प्रथाओं के विकास के लिए उत्कृष्ट अवसर प्रदान करेगा.</p>
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		<title>Expert View : ठंड में जोड़ों के दर्द से बचने के लिए एक्टिव रहें : डॉ पियूष जैन</title>
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		<dc:creator><![CDATA[Udit Vani]]></dc:creator>
		<pubDate>Sun, 06 Nov 2022 17:31:58 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[जमशेदपुर]]></category>
		<category><![CDATA[Expert]]></category>
		<category><![CDATA[jamshedpur]]></category>
		<category><![CDATA[Winter]]></category>
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					<description><![CDATA[<p>उदित वाणी, जमशेदपुर: ठंड के मौसम में बड़ी संख्या में लोग हड्डियों व जोड़ों के दर्द की समस्या से ग्रस्त होते हैं। तापमान में कमी के कारण नसें सिकुड़ने लगती हैं और विटामिन-डी की कमी के कारण हड्डियों और जोड़ों का दर्द बढ़ जाता है। हड्डियों में लचीलेपन की कमी हो जाती है। इस कारण जोड़ों [...]</p>
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										<content:encoded><![CDATA[<div dir="auto"><span style="color: #800080;"><strong>उदित वाणी, जमशेदपुर: </strong></span>ठंड के मौसम में बड़ी संख्या में लोग हड्डियों व जोड़ों के दर्द की समस्या से ग्रस्त होते हैं। तापमान में कमी के कारण नसें सिकुड़ने लगती हैं और विटामिन-डी की कमी के कारण हड्डियों और जोड़ों का दर्द बढ़ जाता है। हड्डियों में लचीलेपन की कमी हो जाती है। इस कारण जोड़ों में अकड़न आ जाती है। इसलिए सर्दियों में लोगों को अपने जोड़ों व हड्डियों का खास ख्याल रखना चाहिए।</div>
<div dir="auto">सर्दियों के आते ही आपने भी अपने फैमिली मेंबर को अक्सर जोड़ों के दर्द की शिकायत करते सुना होगा। इसकी समस्या अभी तक ज्यादातर बुजुर्गों में देखने को मिलती थी, लेकिन अब यह युवाओं में भी आम हो चुकी है। जमशेदपुर के विशेषज्ञ चिकित्सक डॉ पियूष जैन कहते हैं कि जोड़ों का दर्द ज्यादा भी हो सकता है और कम भी। इसके कई वजहें हो सकती हैं। जैसे-पहले लगी कोई चोट, गाठिया की शिकायत या मोटापे जैसी दूसरी बीमारियां। जोड़ों के दर्द को हम अर्थाल्जिया भी कहते हैं। इनका इलाज भी अब आसान है। सावधानी बरतनी चाहिए। कहा कि ठंड में कोशिश होनी चाहिए कि ऐसे मरीज ज्यादा ठंड में एक्सपोज न हों। गर्म कपड़े पहनें और गर्माहट सेंकते रहें। इसके साथ ही लगातार योग या अन्य क्रियाकलापों से जोड़ों को एक्टिव बनाए रखें। इससे समस्या कम होगी।</div>
<div dir="auto">वहीं डाइटिशियन मोती कुमारी कहती हैं कि जोड़ों में दर्द और गाठिया दो अलग-अलग समस्याएं हैं। इनके कई लक्षण एक जैसे हो सकते हैं, लेकिन एक अंतर दोनों में रहता है कि जोड़ों के दर्द में सूजन नहीं होती है और जो दर्द सूजन के साथ होता है, वह गाठिया की निशानी है।</div>
<div dir="auto"><span style="color: #800080;"><strong>पहले से लगी चोट बन सकती है बड़ी वजह</strong></span></div>
<div dir="auto">एक्सपर्ट की मानें तो जोड़ों के दर्द की मुख्य वजह पहले किसी तरह की समस्या या फ्रैक्चर हो सकते हैं। इसमें शरीर के कई हिस्सों के जोड़ में दर्द रहता है। इसके होने की कई वजह हैं। एक्सपर्ट कहते हैं कि हम चाहें तो घर पर रहकर और डॉक्टर की सलाह से जोड़ों के दर्द का इलाज कर सकते हैं। इसके लिए हमें अपनी लाइफस्टाइल मेंटेन करनी पड़ेगी। बताते चलें कि ज्यादा चलने, ज्यादा देर खड़े होने पर, दौड़ने से भी घुटनों के जोड़ों में दर्द महसूस होता है। चलते-चलते बीच में घुटना जकड़ जाता है। बैठने में परेशानी होती है। चौकड़ी मार कर बैठने में अकड़न आ जाती है। जोड़ों में दर्द के प्रमुख कारण हैं- गाउट, चोट, आस्टियोआर्थराइटिस, आस्टीयोमाइलाइटिस, गठिया, टेंडनाइटीस आदि। वजन बढ़ने से भी जोड़ों का दर्द होता है। जोड़ों में दर्द रोजाना या काफी समय के बाद भी हो सकता है। इसमें खुजली, जलन, दर्द, सुन्न होना, गर्माहट जोड़ों में महसूस होना या जोड़ों में कठोरता नजर आती है।</div>
<div dir="auto"><span style="color: #800080;"><strong>खाने में इन बातों का रखें ध्यान</strong></span></div>
<div dir="auto">दवा और डॉक्टर की सलाह से तो जोड़ों के दर्द पर काबू पाया जा सकता है, लेकिन इस दौरान हमें एक बेहतर डाइट अपनानी चाहिए, जो फायदेमंद साबित हो। इस तरह हमें क्या खाना है, क्या नहीं खाना? इन बातों का ध्यान रखना चाहिए। अंडों में प्रोटीन के साथ-साथ विटामिन डी की भी अच्छी मात्रा पायी जाती है. इस विटामिन को कैल्शियम सोखने के लिए भी जरूरी माना जाता है. इसके साथ ही हड्डियों की सेहत के लिए भी विटामिन डी का सेवन जरूरी है. अंडे डाइट में शामिन करने बेहद आसान हैं और आप इन्हें रोजाना नाश्ते में खा सकते हैं.</div>
<div dir="auto"><span style="color: #800080;"><strong>जोड़ों के दर्द में क्या खाना है, इसका विशेष ध्यान रखें</strong></span></div>
<div dir="auto">जोड़ो के दर्द में हमें कुछ चुनिंदा फल-सब्जी का सेवन करना चाहिए। इससे इम्यून सिस्टम बूस्ट होता है। साथ खाने में गोंद का सेवन भी करना चाहिए और मेथी का पाउडर भी पानी में घोलकर पीना चाहिए। जोड़ों के दर्द में सूखे मेवे खाना भी एक अच्छा ऑप्शन है. सूखे मेवों में प्रोटीन, कैल्शियम, आयरन और अन्य पोषक तत्व भी पाए जाते हैं. आप अपनी डाइट में बादाम, काजू और अखरोट आदि शामिल कर सकते हैं. पालक और केल जैसी हरी पत्तेदार सब्जियां विटामिन सी, ए और विटामिन के से भरपूर होती हैं. इनमें मौजूद एंटीऑक्सीडेंट्स शरीर को नुकसान पहुंचाने वाले फ्री रेडिकल्स से सुरक्षित रखते हैं. आप इन सब्जियों को जोड़ों के दर्द में खा सकते हैं.</div>
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