<?xml version="1.0" encoding="UTF-8"?><rss version="2.0"
	xmlns:content="http://purl.org/rss/1.0/modules/content/"
	xmlns:wfw="http://wellformedweb.org/CommentAPI/"
	xmlns:dc="http://purl.org/dc/elements/1.1/"
	xmlns:atom="http://www.w3.org/2005/Atom"
	xmlns:sy="http://purl.org/rss/1.0/modules/syndication/"
	xmlns:slash="http://purl.org/rss/1.0/modules/slash/"
	>

<channel>
	<title>Energy Security Archives - Udit Vani</title>
	<atom:link href="https://uditvani.in/tag/energy-security/feed/" rel="self" type="application/rss+xml" />
	<link>https://uditvani.in/tag/energy-security/</link>
	<description>पत्रकारिता में विश्वसनीयता के चार दशक</description>
	<lastBuildDate>Thu, 14 May 2026 12:29:08 +0000</lastBuildDate>
	<language>en-US</language>
	<sy:updatePeriod>
	hourly	</sy:updatePeriod>
	<sy:updateFrequency>
	1	</sy:updateFrequency>
	<generator>https://wordpress.org/?v=7.0</generator>

<image>
	<url>https://i0.wp.com/uditvani.in/wp-content/uploads/2022/04/fev.png?fit=32%2C32&#038;ssl=1</url>
	<title>Energy Security Archives - Udit Vani</title>
	<link>https://uditvani.in/tag/energy-security/</link>
	<width>32</width>
	<height>32</height>
</image> 
<site xmlns="com-wordpress:feed-additions:1">207316808</site>	<item>
		<title>प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की यूएई यात्रा, दोनों देशों के बीच रणनीतिक साझेदारी होगी ज्यादा मजबूत</title>
		<link>https://uditvani.in/jharkhand/jamshedpur/pm-modi-uae-visit-defense-energy-security-strategic-partnership/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[Udit Vani]]></dc:creator>
		<pubDate>Thu, 14 May 2026 12:27:33 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[जमशेदपुर]]></category>
		<category><![CDATA[झारखंड]]></category>
		<category><![CDATA[Defense Deal]]></category>
		<category><![CDATA[Energy Security]]></category>
		<category><![CDATA[India UAE Relations]]></category>
		<category><![CDATA[Indian Diaspora.]]></category>
		<category><![CDATA[Khaleej Times]]></category>
		<category><![CDATA[Narendra Modi]]></category>
		<category><![CDATA[West Asia News]]></category>
		<guid isPermaLink="false">https://uditvani.in/?p=114875</guid>

					<description><![CDATA[<p>उदित वाणी नई दिल्ली: नई दिल्ली, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की यूएई यात्रा ऐसे समय हो रही है, जब पश्चिम एशिया में तनाव बढ़ा हुआ है. इससे साफ दिखता है कि भारत, यूएई के साथ अपने रिश्तों को और मजबूत करने को कितनी अहमियत दे रहा है. यूएई के अखबार खलीज टाइम्स की एक रिपोर्ट के [...]</p>
<p>The post <a href="https://uditvani.in/jharkhand/jamshedpur/pm-modi-uae-visit-defense-energy-security-strategic-partnership/">प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की यूएई यात्रा, दोनों देशों के बीच रणनीतिक साझेदारी होगी ज्यादा मजबूत</a> appeared first on <a href="https://uditvani.in">Udit Vani</a>.</p>
]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<p><span style="color: #800080;"><strong>उदित वाणी नई दिल्ली: </strong></span>नई दिल्ली, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की यूएई यात्रा ऐसे समय हो रही है, जब पश्चिम एशिया में तनाव बढ़ा हुआ है. इससे साफ दिखता है कि भारत, यूएई के साथ अपने रिश्तों को और मजबूत करने को कितनी अहमियत दे रहा है. यूएई के अखबार खलीज टाइम्स की एक रिपोर्ट के मुताबिक, इस दौरे में रक्षा सहयोग, ऊर्जा सुरक्षा, समुद्री स्थिरता और व्यापार को सुरक्षित रखने जैसे मुद्दों पर खास फोकस रहेगा. प्रधानमंत्री मोदी यूएई के राष्ट्रपति शेख मोहम्मद बिन जायद अल नाहयान से उच्च स्तरीय बातचीत करेंगे. दोनों देश अपनी रणनीतिक साझेदारी को और मजबूत करना चाहते हैं.</p>
<p>रिपोर्ट में कहा गया है कि इस यात्रा का समय भी काफी अहम माना जा रहा है. खाड़ी क्षेत्र इस वक्त कई तरह की भू-राजनीतिक चुनौतियों से गुजर रहा है. अमेरिका और ईरान के बीच तनाव जारी है, समुद्री रास्तों की सुरक्षा को लेकर खतरे बढ़ रहे हैं और स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में लंबे समय तक रुकावट आने की आशंका भी जताई जा रही है. विशेषज्ञों का कहना है कि इस यात्रा के दौरान भारत की कोशिश रहेगी कि क्षेत्रीय तनाव का असर उसकी अर्थव्यवस्था और व्यापारिक रास्तों पर कम से कम पड़े. इसी वजह से भरोसेमंद ऊर्जा सप्लाई और रक्षा सहयोग बातचीत के मुख्य मुद्दे रह सकते हैं.</p>
<p>ऊर्जा क्षेत्र में लंबी अवधि के एलएनजी समझौते, कच्चे तेल की सप्लाई सुनिश्चित करना, तेल और गैस परियोजनाओं में निवेश और सप्लाई में रुकावट से बचने के लिए वैकल्पिक व्यवस्था जैसे मुद्दों पर चर्चा हो सकती है. यूएई पहले से ही भारत के बड़े ऊर्जा साझेदारों में शामिल है. वह भारत को कच्चा तेल, एलपीजी और एलएनजी सप्लाई करता है. साथ ही भारत के रणनीतिक पेट्रोलियम भंडार और तेल-गैस परियोजनाओं में भी यूएई का निवेश है.</p>
<p>रिपोर्ट में कहा गया है कि दोनों देशों के रक्षा संबंध भी अब नए दौर में पहुंच रहे हैं. भारत और यूएई इस साल पहले साइन किए गए लेटर ऑफ इंटेंट के बाद अब एक रणनीतिक रक्षा साझेदारी समझौते को आगे बढ़ा सकते हैं. इस प्रस्तावित समझौते में रक्षा निर्माण, साइबर सुरक्षा, समुद्री सुरक्षा, खुफिया जानकारी साझा करना, आतंकवाद विरोधी सहयोग और विशेष सैन्य अभियानों जैसे मुद्दे शामिल हो सकते हैं.</p>
<p>यूएई की भौगोलिक स्थिति भी भारत के लिए काफी अहम मानी जाती है. यह दुनिया के महत्वपूर्ण ऊर्जा और व्यापारिक समुद्री रास्तों के करीब स्थित है. ऐसे समय में जब पश्चिम एशिया में प्रभाव बढ़ाने की होड़ तेज हो रही है, यूएई भारत के लिए एक महत्वपूर्ण साझेदार बनकर उभरा है.</p>
<p>पिछले दस वर्षों में भारत और यूएई के रिश्तों में बड़ा बदलाव आया है. पहले यह रिश्ता मुख्य रूप से तेल और प्रवासी भारतीयों से आने वाले पैसों तक सीमित था, लेकिन अब यह रक्षा, फिनटेक, नवीकरणीय ऊर्जा, खाद्य सुरक्षा, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, लॉजिस्टिक्स, इंफ्रास्ट्रक्चर और डिजिटल पेमेंट जैसे कई क्षेत्रों तक फैल चुका है. रिपोर्ट में यह भी बताया गया है कि आज यूएई भारत का तीसरा सबसे बड़ा व्यापारिक साझेदार है और भारत में विदेशी निवेश करने वाले बड़े देशों में भी शामिल है.</p>
<p>रिपोर्ट में भारतीय समुदाय की अहम भूमिका का भी जिक्र किया गया है. यूएई में 45 लाख से ज्यादा भारतीय रहते हैं, जो विदेश में रहने वाला भारत का सबसे बड़ा प्रवासी समुदाय है. उनकी कमाई, कारोबार और पेशेवर योगदान दोनों देशों की अर्थव्यवस्था को जोड़ने में बड़ी भूमिका निभाते हैं.रिपोर्ट के मुताबिक, इस यात्रा के दौरान प्रवासी भारतीयों की भलाई, श्रमिकों के अधिकार और आवाजाही से जुड़े मुद्दों पर भी चर्चा हो सकती है, खासकर ऐसे समय में जब यूएई खुद को दुनिया के बड़े टैलेंट और निवेश केंद्र के रूप में स्थापित करने की कोशिश कर रहा है.</p>
<p>The post <a href="https://uditvani.in/jharkhand/jamshedpur/pm-modi-uae-visit-defense-energy-security-strategic-partnership/">प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की यूएई यात्रा, दोनों देशों के बीच रणनीतिक साझेदारी होगी ज्यादा मजबूत</a> appeared first on <a href="https://uditvani.in">Udit Vani</a>.</p>
]]></content:encoded>
					
		
		
		<post-id xmlns="com-wordpress:feed-additions:1">114875</post-id>	</item>
		<item>
		<title>केंद्र कोयला गैसीफिकेशन प्रोजेक्ट्स को बढ़ावा देने के लिए नए इंसेंटिव पैकेज देने की कर रहा तैयारी, आत्मनिर्भर बनने में मिलेगी मदद</title>
		<link>https://uditvani.in/jharkhand/ranchi/center-govt-35000-crore-incentive-package-coal-gasification-projects/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[Udit Vani]]></dc:creator>
		<pubDate>Sun, 03 May 2026 10:47:13 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[रांची]]></category>
		<category><![CDATA[Atmanirbhar Bharat.]]></category>
		<category><![CDATA[Carbon Emission Reduction]]></category>
		<category><![CDATA[Coal Gasification]]></category>
		<category><![CDATA[Energy Security]]></category>
		<category><![CDATA[Jindal Steel]]></category>
		<category><![CDATA[Ministry of Coal]]></category>
		<category><![CDATA[New Era Cleantech]]></category>
		<guid isPermaLink="false">https://uditvani.in/?p=113447</guid>

					<description><![CDATA[<p>उदित वाणी,नई दिल्ली: केंद्र सरकार देश में कोयला गैसीफिकेशन प्रोजेक्ट्स को बढ़ावा देने के लिए नया इंसेंटिव पैकेज देने की तैयारी कर रहा है और इसका परिव्यय 35,000 करोड़ रुपए से अधिक होने का अनुमान है. यह जानकारी सूत्रों के हवाले से दी गई. इसे कोयला मंत्रालय द्वारा जनवरी 2024 में शुरू किए गए 8,500 [...]</p>
<p>The post <a href="https://uditvani.in/jharkhand/ranchi/center-govt-35000-crore-incentive-package-coal-gasification-projects/">केंद्र कोयला गैसीफिकेशन प्रोजेक्ट्स को बढ़ावा देने के लिए नए इंसेंटिव पैकेज देने की कर रहा तैयारी, आत्मनिर्भर बनने में मिलेगी मदद</a> appeared first on <a href="https://uditvani.in">Udit Vani</a>.</p>
]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<p>उदित वाणी,नई दिल्ली: केंद्र सरकार देश में कोयला गैसीफिकेशन प्रोजेक्ट्स को बढ़ावा देने के लिए नया इंसेंटिव पैकेज देने की तैयारी कर रहा है और इसका परिव्यय 35,000 करोड़ रुपए से अधिक होने का अनुमान है. यह जानकारी सूत्रों के हवाले से दी गई. </p>
<p>इसे कोयला मंत्रालय द्वारा जनवरी 2024 में शुरू किए गए 8,500 करोड़ रुपए के इंसेंटिव प्रोग्राम का की विस्तार माना जा रहा है, जिसने देश में कोयला गैसीफिकेशन की नींव रखी थी.</p>
<p>केंद्रीय मंत्रिमंडल द्वारा विचाराधीन प्रस्तावित योजना का उद्देश्य देशभर में सतही कोयला और लिग्नाइट गैसीकरण परियोजनाओं में तेजी लाना है, जिससे एलएनजी, यूरिया, अमोनियम नाइट्रेट और अमोनिया पर आयात निर्भरता कम करके आत्मनिर्भरता को बढ़ावा मिलेगा. इस योजना का लक्ष्य 2030 तक 10 करोड़ टन कोयला गैसीकरण क्षमता के महत्वाकांक्षी राष्ट्रीय लक्ष्य को प्राप्त करने की दिशा में प्रगति को तेज करना भी है.</p>
<p>देश में कोल गैसीकरण को ऐसे समय पर बढ़ावा दिया जा रहा है, जब मध्य पूर्व संघर्ष के कारण एलएनजी, उर्वरक और उर्वरक कच्चे माल की आपूर्ति श्रृंखला में बाधा बनी हुई है.</p>
<p>इस वर्ष फरवरी में कोयला मंत्रालय ने घोषणा की थी कि उसने देश के कार्बन उत्सर्जन को कम करने और ऊर्जा सुरक्षा को मजबूत करने के उद्देश्य से शुरू की गई 8,500 करोड़ रुपए की कोयला गैसीकरण प्रोत्साहन योजना की श्रेणी II के तहत चयनित आवेदकों को लेटर ऑफ अवार्ड (एलओए) जारी कर दिए हैं.</p>
<p>योजना की श्रेणी II के तहत, निजी कंपनियों और सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रमों (पीएसयू) को प्रति परियोजना 1,000 करोड़ रुपए या पूंजीगत व्यय (कैपेक्स) का 15 प्रतिशत, जो भी कम हो, आवंटित किया गया है.</p>
<p>ओडिशा के अंगुल में जिंदल स्टील एंड पावर लिमिटेड की 2 मिमीपीए कोयला गैसीकरण परियोजना को 569.05 करोड़ रुपए का वित्तीय प्रोत्साहन दिया गया है. 3,793 करोड़ रुपए की इस परियोजना में कोयला गैसीकरण के माध्यम से कोयले को डायरेक्ट रिड्यूस्ड आयरन (डीआरआई) में परिवर्तित किया जाएगा.</p>
<p>न्यू एरा क्लीनटेक सॉल्यूशन प्राइवेट लिमिटेड को महाराष्ट्र के चंद्रपुर जिले के भद्रावती में स्थित अपने कोयला गैसीकरण परियोजना के लिए 1,000 करोड़ रुपए का वित्तीय प्रोत्साहन दिया गया है. 6,976 करोड़ रुपए की कुल परियोजना लागत वाली इस परियोजना का लक्ष्य प्रति वर्ष 0.33 मिलियन मीट्रिक टन अमोनियम नाइट्रेट और 0.1 मिलियन मीट्रिक टन हाइड्रोजन का उत्पादन करना है.</p>
<p>इसी प्रकार, ग्रेटा एनर्जी लिमिटेड को महाराष्ट्र के चंद्रपुर जिले के भद्रावती जिले के एमआईडीसी में स्थित अपने कोयला गैसीकरण परियोजना के लिए 414.01 करोड़ रुपए का वित्तीय प्रोत्साहन दिया गया है.</p>
<p>कोयला गैसीकरण पहल का उद्देश्य कोयला गैसीकरण में तकनीकी प्रगति को गति देना, कार्बन उत्सर्जन को काफी हद तक कम करना, ऊर्जा सुरक्षा को मजबूत करना और अधिक टिकाऊ ऊर्जा परिदृश्य की नींव रखना है.</p>
<p>The post <a href="https://uditvani.in/jharkhand/ranchi/center-govt-35000-crore-incentive-package-coal-gasification-projects/">केंद्र कोयला गैसीफिकेशन प्रोजेक्ट्स को बढ़ावा देने के लिए नए इंसेंटिव पैकेज देने की कर रहा तैयारी, आत्मनिर्भर बनने में मिलेगी मदद</a> appeared first on <a href="https://uditvani.in">Udit Vani</a>.</p>
]]></content:encoded>
					
		
		
		<post-id xmlns="com-wordpress:feed-additions:1">113447</post-id>	</item>
	</channel>
</rss>
