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	<title>crops Archives - Udit Vani</title>
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	<description>पत्रकारिता में विश्वसनीयता के चार दशक</description>
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	<title>crops Archives - Udit Vani</title>
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		<title>खेती तो बंपर हुई, लेकिन क्रय केंद्र नहीं खुलने से किसान मायूस</title>
		<link>https://uditvani.in/jharkhand/patamda/patamda-farmers-expect-good-paddy-harvest/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[Udit Vani]]></dc:creator>
		<pubDate>Wed, 03 Dec 2025 17:38:43 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[पटमदा]]></category>
		<category><![CDATA[crops]]></category>
		<category><![CDATA[PATAMDA]]></category>
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					<description><![CDATA[<p>उदित वाणी, पटमदा : पटमदा में इस वर्ष पर्याप्त मात्रा में हुई बारिश के कारण धान की अच्छी पैदावार की उम्मीद से किसानों के चेहरे खिले हुए हैं. मौसम का मिजाज बदलते देख किसानों ने इस साल धान कटाई और झड़ाई साथ साथ कर रहे हैं और लगभग दो सप्ताह के अंदर सभी धान कटनी [...]</p>
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										<content:encoded><![CDATA[<p><strong><span style="color: #800080;">उदित वाणी, पटमदा :</span> </strong>पटमदा में इस वर्ष पर्याप्त मात्रा में हुई बारिश के कारण धान की अच्छी पैदावार की उम्मीद से किसानों के चेहरे खिले हुए हैं. मौसम का मिजाज बदलते देख किसानों ने इस साल धान कटाई और झड़ाई साथ साथ कर रहे हैं और लगभग दो सप्ताह के अंदर सभी धान कटनी का कार्य पूरा होने की संभावना है. मालूम हो कि पटमदा प्रखंड के अधिकतर लोग कृषि पर ही निर्भर है. खेती के आमदनी से ही यहां के किसान जीवन यापन करते हैं.</p>
<p>पटमदा प्रखंड में इस साल 14 हजार हेक्टेयर धान की खेती करने का लक्ष्य था लेकिन करीब 12 हजार हेक्टेयर में ही खेती की गई है. अब तक सरकार की ओर से खरीदारी हेतु क्रय केंद्र नहीं खोलने से किसानों को उसकी बिक्री की चिंता सता रही है. कुछ किसानों ने तो बंगाल के व्यापारियों को बेचना भी शुरू कर दिया है. इस संबंध में जोड़सा गांव के किसान श्यामपद सिंह, कुटील कुंभकार व उमाशंकर कुंभकार ने कहा कि जल्द से जल्द लैंपस में खरीदारी शुरू हो ताकि उन्हें उचित दाम मिल सके.</p>
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		<item>
		<title>Jharkhand News : केंद्र ने खरीफ फसल बीमा की तिथि 30 सितंबर तक बढ़ायी</title>
		<link>https://uditvani.in/jharkhand/jharkhand-kharif-crop-insurance-date-extended/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[Udit Vani]]></dc:creator>
		<pubDate>Sat, 13 Sep 2025 16:54:10 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[झारखंड]]></category>
		<category><![CDATA[राजनीति]]></category>
		<category><![CDATA[crops]]></category>
		<category><![CDATA[Insurance]]></category>
		<category><![CDATA[Jharkhand]]></category>
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					<description><![CDATA[<p>उदित वाणी, रांची : राज्य सरकार के आग्रह पर केंद्र ने खरीफ फसल बीमा की तिथि 30 सितंबर तक बढ़ाने पर सहमति दे दी है. जिसके तहत अब पूर्वी सिंहभूम, पश्चिम सिंहभूम व सरायकेला-खरसवां समेत हजारीबाग, जामताड़ा, रामगढ़, लोहरदगा, खूंटी, रांची, सिमडेगा व गुमला के 11 जिलों में बिशेष अभियान चलाकर फसल बीमा किया जायेगा. [...]</p>
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]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<p><strong><span style="color: #800080;">उदित वाणी, रांची :</span> </strong>राज्य सरकार के आग्रह पर केंद्र ने खरीफ फसल बीमा की तिथि 30 सितंबर तक बढ़ाने पर सहमति दे दी है. जिसके तहत अब पूर्वी सिंहभूम, पश्चिम सिंहभूम व सरायकेला-खरसवां समेत हजारीबाग, जामताड़ा, रामगढ़, लोहरदगा, खूंटी, रांची, सिमडेगा व गुमला के 11 जिलों में बिशेष अभियान चलाकर फसल बीमा किया जायेगा. इन जिलों के किसान अब 30 सितंबर तक फसल बीमा करा सकते हैं.</p>
<p>प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के नोडल पदाधिकारी प्रकाश कुमार ने इससे संबंधित आदेश जारी किया है. झारखंड में चार कंपनियां फसल बीमा कर रही है. जिन जिलों में फसल बीमा की प्रगति धीमी है. वहां तेजी लाने का निर्देश दिया गया है. ज्ञात हो कि अब तक झारखंड में दो बार फसल बीमा की तिथि बढ़ चुकी है. पांच जिलों को छोड़ शेष जिले फसल बीमा के लक्ष्य से पीछे रह गये हैं. 60 फीसदी से कम लक्ष्य प्राप्त करने वाले जिलों के लिए यह बिशेष अभियान चलाने का निर्देश दिया गया है.</p>
<p>बताया गया है कि इस बर्ष राज्य में लगभग 18.81 लाख हेक्टेयर में धान और मक्का की फसल लगी है. इसके लिए 22 लाख 74 हजार 236 किसानों की फसल का बीमा कराने का लक्ष्य रखा गया था. जिनमें से अब तक 12 लाख 56 हजार 206 किसानों का ही बीमा कराया गया है. हालांकि अब मक्के की फसल की कटाई शुरू हो चुकी है.</p>
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		<item>
		<title>Baharagora : नहीं थम रहा है हांथियो का आतंक, कई गांव की फसल चौपट कर हांथी पहुंचा धासपादा</title>
		<link>https://uditvani.in/jharkhand/jamshedpur/wild-elephant-attack-barsol-ghaspada-crop-damage/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[Udit Vani]]></dc:creator>
		<pubDate>Tue, 01 Apr 2025 17:41:04 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[जमशेदपुर]]></category>
		<category><![CDATA[baharagora]]></category>
		<category><![CDATA[crops]]></category>
		<category><![CDATA[destroyed]]></category>
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					<description><![CDATA[<p>उदित वाणी, बहरागोड़ा: कई गांव में धान की लहलहाती फसल को बर्बाद करने के बाद अब जंगली हांथी बरसोल के घासपदा गांव में तांडव मचाना प्रारंभ कर दिया है. जानकारी के अनुसार, सोमवार की रात उक्त गांव में जंगली हाथियों ने चार एकड़ में लगी धान की फसल को नष्ट कर दिया है. इसके कारण [...]</p>
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]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<p><strong><span style="color: #800080;">उदित वाणी, बहरागोड़ा:</span></strong> कई गांव में धान की लहलहाती फसल को बर्बाद करने के बाद अब जंगली हांथी बरसोल के घासपदा गांव में तांडव मचाना प्रारंभ कर दिया है. जानकारी के अनुसार, सोमवार की रात उक्त गांव में जंगली हाथियों ने चार एकड़ में लगी धान की फसल को नष्ट कर दिया है. इसके कारण ग्रामीणों को रातजगा करना पड़ रहा है. क्यूआरटी टीम व ग्रामीण मिलकर घासपदा गांव से हाथी को खदेड़ने का काम किया है.</p>
<p>गांव के किसान गुनाधर सुई,नंदलाल प्रधान,राजेश माइति, रवि शंकर प्रधान, पियूष नदी,रंजन दे, यूगल किशोर प्रधान, कृष्ण गोपाल प्रधान आदि ने फसल नष्ट होने के कारण मुआबजे की मांग किया. बताया गया कि पहले वन विभाग की तरफ से हाथियों को दूर भागने के लिए फटोका,मोबील, मशाल आदि दिया जाता था लेकिन अभी देना बंद कर दिया गया जिसके कारण हांथियों को भगाने में ग्रामीणो को काफी परेशानियो का सामना करना पड़ रहा है.</p>
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		<item>
		<title>बरसोल के लुगाहारा गांव में 12 हाथियों का तांडव, फसलें बर्बाद, ग्रामीणों में दहशत</title>
		<link>https://uditvani.in/jharkhand/jamshedpur/wild-elephant-menace-lugahara-village-jharkhand/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[Udit Vani]]></dc:creator>
		<pubDate>Sat, 29 Mar 2025 17:48:28 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[जमशेदपुर]]></category>
		<category><![CDATA[crops]]></category>
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					<description><![CDATA[<p>उदित वाणी, बरसोल: लुगाहारा गांव में 12 जंगली हाथियों का झुंड लगातार आतंक मचा रहा है, जिसमें कुछ हाथी के बच्चे भी शामिल हैं. शुक्रवार रात हाथियों ने गांव में दो एकड़ में लगी धान की फसल को पूरी तरह नष्ट कर दिया, जिससे किसान बेहद परेशान हैं. ग्रामीणों को पूरी रात जागकर हाथियों को खदेड़ना [...]</p>
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]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<p><strong><span style="color: #800080;">उदित वाणी, बरसोल:</span> </strong>लुगाहारा गांव में 12 जंगली हाथियों का झुंड लगातार आतंक मचा रहा है, जिसमें कुछ हाथी के बच्चे भी शामिल हैं. शुक्रवार रात हाथियों ने गांव में दो एकड़ में लगी धान की फसल को पूरी तरह नष्ट कर दिया, जिससे किसान बेहद परेशान हैं. ग्रामीणों को पूरी रात जागकर हाथियों को खदेड़ना पड़ा.</p>
<p><strong><span style="color: #800080;">रातभर मशाल लेकर हाथियों को खदेड़ते रहे ग्रामीण</span></strong><br />
हाथियों को गांव से भगाने के लिए 20 क्विक रिस्पांस टीम (QRT) के सदस्य और स्थानीय ग्रामीणों ने मशाल लेकर जंगल की ओर खदेड़ने का प्रयास किया. वनकर्मी पूरी रात गांव में गश्त करते रहे, लेकिन हाथियों के बार-बार लौटने से समस्या गंभीर बनी हुई है.</p>
<p><strong><span style="color: #800080;">चार साल से हाथियों के आतंक से परेशान हैं किसान</span></strong><br />
गांव में करीब 80 परिवार निवास करते हैं, जिनमें से अधिकांश किसान हैं. कोई धान की खेती करता है, तो कोई सब्जियां उगाकर जीवनयापन करता है. लेकिन बीते चार वर्षों से हाथियों के तांडव ने गांव के किसानों की नींद उड़ा दी है.</p>
<p>स्थानीय लोगों का कहना है कि वन विभाग पहले हाथियों को भगाने के लिए पटाखे, मोबिल और मशाल जैसी सहायता प्रदान करता था, लेकिन अब यह सहायता बंद कर दी गई है. किसानों का आरोप है कि चाकुलिया से वन विभाग की टीम जब तक गांव पहुंचती है, तब तक हाथी फसलों को तहस-नहस कर देते हैं.</p>
<p><strong><span style="color: #800080;">ग्रामीणों की मांग – हाथियों को भगाने के लिए प्रभावी कदम उठाए जाएं</span></strong><br />
गांव के किसान नित्य रंजन महतो, कैलाश महतो, निशिथ महतो, दाखिन मुर्मू, झुगुं मुर्मू, बाड़ा मुर्मू आदि ने वन विभाग से मांग की है कि हाथियों को भगाने के लिए तत्काल प्रभावी कदम उठाए जाएं और पुरानी सहायता बहाल की जाए.</p>
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		<item>
		<title>West Singhbhum: कृषि बीमा के तहत 1,78,624 आवेदनों को मिली स्वीकृति, कौन सी फसलें हैं कवर?</title>
		<link>https://uditvani.in/jharkhand/west-singhbhum/agricultural-insurance/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[UditVaniDigital]]></dc:creator>
		<pubDate>Wed, 19 Mar 2025 12:14:44 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[जमशेदपुर]]></category>
		<category><![CDATA[पश्चिमी सिंहभूम]]></category>
		<category><![CDATA[crops]]></category>
		<category><![CDATA[DC]]></category>
		<category><![CDATA[Farmers]]></category>
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		<category><![CDATA[WestSinghbhum]]></category>
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					<description><![CDATA[<p>उदित वाणी, पश्चिमी सिंहभूम: पश्चिमी सिंहभूम जिला समाहरणालय में जिला दंडाधिकारी-सह-उपायुक्त कुलदीप चौधरी की अध्यक्षता में बिरसा-प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना खरीफ मौसम वर्ष 2024 के तहत अधिसूचित क्षेत्र और बीमित फसलों की वैधता की पुष्टि के लिए जिला स्तरीय अनुश्रवण समिति की समीक्षा बैठक आयोजित की गई. फसल बीमा आवेदनों की समीक्षा बैठक में फसल [...]</p>
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]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<p><strong><span style="color: #800080;">उदित वाणी, पश्चिमी सिंहभूम:</span> </strong>पश्चिमी सिंहभूम जिला समाहरणालय में जिला दंडाधिकारी-सह-उपायुक्त कुलदीप चौधरी की अध्यक्षता में बिरसा-प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना खरीफ मौसम वर्ष 2024 के तहत अधिसूचित क्षेत्र और बीमित फसलों की वैधता की पुष्टि के लिए जिला स्तरीय अनुश्रवण समिति की समीक्षा बैठक आयोजित की गई.</p>
<p><strong><span style="color: #800080;">फसल बीमा आवेदनों की समीक्षा</span></strong><br />
बैठक में फसल बीमा कंपनी एचडीएफसी-ईआरजीओ के प्रतिनिधि ने जानकारी दी कि फसल बीमा योजना 2024 के तहत धान फसल के लिए कुल 183,589 आवेदन प्राप्त हुए हैं, जिसमें बीमित क्षेत्रफल 95,303.41 हेक्टेयर है. वहीं मक्का फसल के लिए 4,324 आवेदन प्राप्त हुए हैं, और बीमित क्षेत्रफल 2,036.36 हेक्टेयर है.</p>
<p><strong><span style="color: #800080;">स्वीकृत आवेदनों का विवरण</span></strong><br />
समीक्षात्मक बैठक के दौरान, दोनों फसलों (धान और मक्का) के लिए फसल बीमा कंपनी द्वारा प्राप्त 187,913 आवेदनों की समीक्षा की गई. इसमें से 178,624 आवेदनों और 86,754.31 हेक्टेयर क्षेत्र को अग्रेसर कार्रवाई के लिए स्वीकृत किया गया.</p>
<p><strong><span style="color: #800080;">धान और मक्का की फसल क्षेत्र की स्थिति</span></strong><br />
बैठक में यह भी बताया गया कि जिला में धान फसल का बुआई क्षेत्र 159,712 हेक्टेयर है, जबकि बीमित क्षेत्रफल 86,161.96 हेक्टेयर है, जो कुल बुआई क्षेत्र का 53 प्रतिशत है. इसी तरह मक्का फसल का बुआई क्षेत्र 8,005 हेक्टेयर है, जबकि बीमित क्षेत्र 1,592.35 हेक्टेयर है, जो कुल बुआई क्षेत्र का 20 प्रतिशत है.</p>
<p>समीक्षात्मक बैठक में जिला मत्स्य पदाधिकारी, जिला अग्रणी बैंक प्रबंधक, जिला सहकारिता पदाधिकारी और HDFC ERGO के प्रतिनिधि भी उपस्थित रहे.</p>
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		<item>
		<title>जंगली हाथी का तांडव: रात के सन्नाटे में तबाही</title>
		<link>https://uditvani.in/jharkhand/jamshedpur/wild-elephant-attack-barsol-houses-crops-damaged/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[Udit Vani]]></dc:creator>
		<pubDate>Mon, 17 Feb 2025 15:08:02 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[जमशेदपुर]]></category>
		<category><![CDATA[attack]]></category>
		<category><![CDATA[crops]]></category>
		<category><![CDATA[destroyed]]></category>
		<category><![CDATA[Elephant]]></category>
		<category><![CDATA[House]]></category>
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					<description><![CDATA[<p>उदित वाणी, बरसोल: बरसोल क्षेत्र के मानुषमुड़िया पंचायत अंतर्गत सोनाकोड़ा और पाथरा गांव में रविवार देर रात एक जंगली हाथी ने कई घरों को निशाना बनाया. आधी रात को दहशत में आए ग्रामीण मिली जानकारी के अनुसार, रात करीब एक बजे जंगली हाथी ने सोनाकोड़ा गांव के ग्राम प्रधान काली नायक मुर्मू और भावेश नायक [...]</p>
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]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<p><strong><span style="color: #800080;">उदित वाणी, बरसोल:</span> </strong>बरसोल क्षेत्र के मानुषमुड़िया पंचायत अंतर्गत सोनाकोड़ा और पाथरा गांव में रविवार देर रात एक जंगली हाथी ने कई घरों को निशाना बनाया.</p>
<p><strong><span style="color: #800080;">आधी रात को दहशत में आए ग्रामीण</span></strong><br />
मिली जानकारी के अनुसार, रात करीब एक बजे जंगली हाथी ने सोनाकोड़ा गांव के ग्राम प्रधान काली नायक मुर्मू और भावेश नायक के घरों पर हमला किया. हाथी ने दरवाजे और खिड़कियां तोड़कर भारी नुकसान पहुंचाया.</p>
<p>इसके बाद, जब ग्रामीणों ने हाथी को भगाने की कोशिश की, तो वह पाथरा गांव की ओर बढ़ गया और वहां सना राणा के घर पर हमला कर दिया. हाथी ने उनके घर की दीवार और एस्बेस्टस शीट को क्षतिग्रस्त कर दिया.</p>
<p><strong><span style="color: #800080;">ग्रामीणों की सूझबूझ से बड़ा हादसा टला</span></strong><br />
गनीमत रही कि हमले के दौरान गांववाले जाग गए थे. सभी ने मिलकर मशाल जलाकर और शोर मचाकर हाथी को गांव से बाहर खदेड़ दिया. हालांकि, जाने से पहले हाथी ने खेतों में खड़ी धान की फसल को रौंदकर भारी नुकसान पहुंचाया.</p>
<p><strong><span style="color: #800080;">वन विभाग सतर्क, मुआवजे की प्रक्रिया शुरू</span></strong><br />
सुबह होते ही हाथी पास के धानघोरी गांव के जंगल में चला गया. मुखिया राम मुर्मू ने वन विभाग को इसकी सूचना दी. वन विभाग के अधिकारी मौके पर पहुंचे और हाथी की गतिविधियों पर नजर बनाए हुए हैं.</p>
<p>इसके अलावा, वन विभाग के कर्मचारियों ने पीड़ित परिवारों से मिलकर मुआवजा फॉर्म वितरित किया, ताकि नुकसान की भरपाई की जा सके. ग्रामीणों ने वन विभाग से जल्द समाधान की मांग की है.</p>
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		<item>
		<title>Jamshedpur: भारत सरकार के निदेशक डॉ. मान सिंह ने बड़ाबांकी में सरसों की खेती व योजनाओं का किया निरीक्षण</title>
		<link>https://uditvani.in/jharkhand/jamshedpur/dr-man-singh-investigates-farms/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[UditVaniDigital]]></dc:creator>
		<pubDate>Thu, 09 Jan 2025 07:57:01 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[जमशेदपुर]]></category>
		<category><![CDATA[crops]]></category>
		<category><![CDATA[director]]></category>
		<category><![CDATA[Farmer]]></category>
		<category><![CDATA[jamshedpur]]></category>
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					<description><![CDATA[<p>उदित वाणी, जमशेदपुर: जमशेदपुर प्रखंड के बड़ाबांकी ग्राम पंचायत में चावल विकास निदेशालय, भारत सरकार के निदेशक डॉ. मान सिंह ने स्थल भ्रमण किया. यह दौरा खाद्य एवं पोषण सुरक्षा कृषोन्नति योजना के तहत किसानों को वितरित सरसों बीज के भौतिक निरीक्षण के उद्देश्य से किया गया. बड़ाबांकी में सरसों खेती का निरीक्षण बड़ाबांकी ग्राम [...]</p>
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										<content:encoded><![CDATA[<p><strong>उदित वाणी, जमशेदपुर:</strong> जमशेदपुर प्रखंड के बड़ाबांकी ग्राम पंचायत में चावल विकास निदेशालय, भारत सरकार के निदेशक डॉ. मान सिंह ने स्थल भ्रमण किया. यह दौरा खाद्य एवं पोषण सुरक्षा कृषोन्नति योजना के तहत किसानों को वितरित सरसों बीज के भौतिक निरीक्षण के उद्देश्य से किया गया.</p>
<p><strong>बड़ाबांकी में सरसों खेती का निरीक्षण</strong><br />
बड़ाबांकी ग्राम में 20 किसानों द्वारा सरसों की खेती की जा रही है. इसमें 8 हेक्टेयर क्षेत्र को क्लस्टर के रूप में चिन्हित किया गया है. डॉ. मान सिंह ने किसान गुंडू महतो से बातचीत की, जिन्हें 50% अनुदान पर ट्रैक्टर चालित रोटावेटर प्रदान किया गया है. उन्होंने अनुदान प्रक्रिया और योजना से जुड़े अनुभवों के बारे में जानकारी ली.</p>
<p><strong>गोड़गोड़ा गाँव में योजनाओं का अवलोकन</strong><br />
डॉ. मान सिंह ने देवघर पंचायत के गोड़गोड़ा गाँव में किसानों से मुलाकात की. यहां बिरसा फसल विस्तार योजना के अंतर्गत 70 किसानों को सरसों बीज वितरित किया गया था. करीब 10 हेक्टेयर भूमि पर सरसों की खेती की जा रही है. निरीक्षण के दौरान डॉ. सिंह ने किसानों को सुझाव दिया कि वे पौधों के बीच पर्याप्त दूरी रखें ताकि पौधों को बढ़ने का उचित स्थान मिल सके. साथ ही, उन्होंने तकनीकी अनुपालन पर विशेष जोर दिया.</p>
<p><strong>योजनाओं का प्रभाव और तकनीकी सहायता</strong><br />
जिला कृषि पदाधिकारी ने जानकारी दी कि किसानों को बीज के साथ कृषि उपादान जैसे बीजोपचार, नैनो यूरिया और पीएसबी निशुल्क प्रदान किए गए हैं. ये सभी फसल की गुणवत्ता और उपज बढ़ाने में सहायक हैं.</p>
<p><strong>आगामी निरीक्षण का कार्यक्रम</strong><br />
जिला प्रशासन के अनुसार, 8 से 10 जनवरी 2025 तक जमशेदपुर, बोड़ाम, और घाटशिला प्रखंडों में पदाधिकारियों द्वारा स्थल भ्रमण किया जाएगा. इसमें खाद्य एवं पोषण सुरक्षा कृषोन्नति योजना के तहत फसल प्रदर्शन और कृषि यंत्र वितरण का जायजा लिया जाएगा. अधिकारी क्षेत्र में जाकर फसल की स्थिति देखेंगे और किसानों से संवाद कर योजनाओं के प्रभाव का आकलन करेंगे.</p>
<p><strong>भ्रमण में सहभागिता</strong><br />
डॉ. मान सिंह के साथ चावल विकास निदेशालय, भारत सरकार, के तकनीकी सहायक सूरज सिंह, जिला कृषि पदाधिकारी बिबेक बिरुआ, उप परियोजना निदेशक गीता कुमारी, प्रखंड तकनीकी प्रबंधक प्रवीर कुमार, सहायक तकनीकी प्रबंधक लक्ष्मी सोरेन और लाभुक किसान भी उपस्थित थे.</p>
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