
उदित वाणी, जमशेदपुर : टाटानगर रेलवे स्टेशन के री-डेवलपमेंट कार्य के तहत स्टेशन के टीओपी गेट से लेकर किताडीह की ओर जाने वाली सड़क के दोनों ओर अतिक्रमण हटाओ अभियान तेज कर दिया गया है. रेलवे प्रशासन की ओर से चलाए जा रहे इस अभियान के विभिन्न चरणों में अब तक कई दुकानों को तोड़ा जा चुका है. शुरुआती चरण में ही 16 दुकानों पर बुलडोजर चलने से वर्षों से व्यवसाय कर रहे दुकानदारों के सामने गंभीर संकट खड़ा हो गया है.
रोज़ी-रोटी छिनने से दुकानदारों में आक्रोश
इस कार्रवाई से प्रभावित दुकानदारों का कहना है कि वे पिछले 50 से 60 वर्षों से इसी स्थान पर दुकान चलाकर अपने परिवार का भरण-पोषण कर रहे थे. अचानक हुई अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई से उनकी रोज़ी-रोटी छिन गई है. दुकानदारों के अनुसार, बिना किसी वैकल्पिक व्यवस्था के दुकान तोड़ देना अमानवीय कदम है, जिससे कई परिवारों के सामने जीवनयापन की समस्या खड़ी हो गई है.
यूनियन कार्यालय पहुंचकर सौंपा मांग पत्र
अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई से प्रभावित दुकानदारों ने बुधवार को कोलकाता स्थित दक्षिण पूर्व रेलवे साउथ कॉलोनी में साउथ ईस्टर्न रेलवे मेंस यूनियन कार्यालय पहुंचकर यूनियन के जनरल सेक्रेटरी गौतम मुखर्जी से मुलाकात की. इस दौरान जमशेदपुर साउथ ईस्टर्न रेलवे मेंस यूनियन के ब्रांच सेक्रेटरी संजय सिंह और असिस्टेंट सेक्रेटरी एम.पी. गुप्ता भी मौजूद थे. दुकानदार दीपक अधिकारी ने दुकानदारों की समस्याओं को विस्तार से रखते हुए यूनियन को एक मांग पत्र सौंपा.
पहले पुनर्वास, फिर हटे दुकानें : यूनियन
इस पर यूनियन के जनरल सेक्रेटरी गौतम मुखर्जी ने कहा कि यूनियन हर हाल में दुकानदारों के साथ खड़ी है. उन्होंने स्पष्ट कहा कि पहले दुकानदारों के लिए पुनर्वास की व्यवस्था की जानी चाहिए, उसके बाद ही दुकानों को हटाया जाना चाहिए. उन्होंने सवाल उठाया कि इतने वर्षों से दुकान चलाने वाले लोग आखिर कहां जाएंगे और उनके परिवारों का क्या होगा.
महाप्रबंधक से होगी बातचीत
गौतम मुखर्जी ने जानकारी दी कि शीघ्र ही दक्षिण पूर्व रेलवे के महाप्रबंधक अनिल कुमार मिश्रा से मुलाकात कर दुकानदारों के हक और अधिकारों को लेकर ठोस बातचीत की जाएगी. यूनियन की ओर से कुल 37 दुकानों के उचित पुनर्वास की मांग रखी जाएगी. इस अवसर पर रितेश घोषाल, योगेंद्र कुमार सिंह समेत अन्य प्रभावित दुकानदार भी उपस्थित थे.

