
उदित वाणी, जमशेदपुर : वन्यजीव संरक्षण और परिचालन सुरक्षा के प्रति अपनी प्रतिबद्धता का उत्कृष्ट उदाहरण पेश करते हुए चक्रधरपुर रेल मंडल ने शुक्रवार को बिसरा और डी केबिन सेक्शन के बीच ट्रेनों की आवाजाही अस्थायी रूप से रोक दी. यह कदम 22 हाथियों के झुंड को सुरक्षित रूप से रेलवे ट्रैक पार कराने के लिए उठाया गया.
मंडल के फील्ड अधिकारियों से हाथियों के रेल पटरी के समीप होने की सूचना मिलते ही रेल प्रशासन ने त्वरित कार्रवाई करते हुए ट्रेनों का परिचालन रोकने का निर्णय लिया. इस दौरान किसी भी प्रकार की दुर्घटना या अप्रिय घटना को रोकने के लिए रेल कर्मचारियों ने मौके पर सतर्कता बरती.
रेल अधिकारियों ने बताया कि यह निर्णय भारतीय रेल की वन्यजीवों के प्रति संवेदनशीलता और सहअस्तित्व की भावना को दर्शाता है. उन्होंने कहा कि रेल संचालन के साथ-साथ पर्यावरण और वन्यजीव संरक्षण भारतीय रेल की शीर्ष प्राथमिकताओं में से एक है.
रुकी हुई डाउन ट्रेनें:
1. 12261 (सीएसएमटी–हावड़ा एसी दुरंतो एक्सप्रेस)
2. 12809 (मुंबई सीएसएमटी–हावड़ा मेल)
3. 08869 (एनएससी बोस इतवारी–जयनगर फेस्टिवल स्पेशल)
4. 18114 (बिलासपुर–टाटानगर एक्सप्रेस)
5. 18190 (एर्नाकुलम–टाटानगर एक्सप्रेस)
6. 13352 (अलप्पुझा–धनबाद एक्सप्रेस)
7. 18029 (लोकमान्य तिलक टर्मिनस–शालीमार एक्सप्रेस)
8. 12129 (आज़ाद हिंद एक्सप्रेस)
रुकी हुई अप ट्रेनें:
1. 18113 (टाटानगर–बिलासपुर एक्सप्रेस)
2. 12810 (हावड़ा–मुंबई सीएसएमटी मेल)
3. 12102 (ज्ञानेश्वरी एक्सप्रेस)
4. 12130 (आज़ाद हिंद एक्सप्रेस)
करीब एक घंटे तक सभी ट्रेनों को विभिन्न स्टेशनों पर सुरक्षित रूप से रोका गया, जब तक कि पूरा हाथियों का दल ट्रैक पार नहीं कर गया. उसके बाद परिचालन को सामान्य कर दिया गया.
चक्रधरपुर रेल मंडल ने कहा कि वह सुरक्षा, करुणा और जिम्मेदारी के मूल्यों को सर्वोपरि मानता है. यह घटना इस बात का प्रमाण है कि भारतीय रेल न केवल यात्रियों की सुरक्षा बल्कि वन्यजीवों के संरक्षण के लिए भी समान रूप से समर्पित है.

