
उदित वाणी, जमशेदपुर : रेल यातायात को सुरक्षित और सुचारू बनाए रखने के उद्देश्य से चक्रधरपुर रेल मंडल में नवम्बर 2025 माह के दौरान अलार्म चेन पुलिंग (ए.सी.पी.) से जुड़े मामलों की विस्तृत समीक्षा की गई. इस अवधि में कुल 93 ए.सी.पी. मामले दर्ज किए गए, जिनमें से अधिकांश में रेलवे प्रशासन ने त्वरित कार्रवाई करते हुए आवश्यक कानूनी व दंडात्मक प्रक्रिया पूरी की.
मंडल से प्राप्त जानकारी के अनुसार कुल 87 मामलों में आवश्यक कार्रवाई एवं निपटारा किया गया. इसमें रेलवे सुरक्षा बल तथा वाणिज्य विभाग द्वारा संयुक्त रूप से तथ्यों की जांच, आरोपियों की पहचान तथा नियमों के अनुरूप दंड निर्धारण शामिल रहा. इसके अलावा 58 मामलों में दोषसिद्धि सुनिश्चित की गई, जो मंडल में अनुशासन और नियम-पालन को लेकर सख्त रुख को दर्शाता है.
दोषसिद्धि वाले मामलों में कुल ₹46,000 का जुर्माना वसूला गया है. रेलवे प्रशासन ने स्पष्ट किया कि अधिकांश चेन पुलिंग अनावश्यक कारणों से की जाती है, जिससे ट्रेन संचालन प्रभावित होता है और यात्रियों को असुविधा होती है. कई बार ए.सी.पी. के कारण ट्रेनें अपने निर्धारित समय से विलंबित हो जाती हैं, जिससे पूरे रूट की संचालन व्यवस्था प्रभावित होती है.
रेल मंडल ने दोहराया है कि बिना कारण चेन पुलिंग करना रेलवे अधिनियम के तहत दंडनीय अपराध है. केवल अत्यावश्यक परिस्थितियों—जैसे यात्री की तबीयत बिगड़ने, दुर्घटना होने अथवा सुरक्षा से जुड़े किसी तत्काल खतरे—में ही चेन पुलिंग की अनुमति है.
मंडल प्रशासन ने कहा कि वे सुरक्षा, अनुशासन और सुचारू ट्रेन संचालन को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए ए.सी.पी. मामलों पर सख्त और त्वरित कार्रवाई आगे भी जारी रखेंगे. साथ ही यात्रियों से अपील की गई है कि वे नियमों का पालन करते हुए अनावश्यक चेन पुलिंग से बचें ताकि ट्रेन की समयबद्धता और सुरक्षा व्यवस्था सुचारू बनी रहे.

