
उदित वाणी, रांची : पूर्व मंत्री व जुगसलाई विधानसभा क्षेत्र से तीन बार विधायक रह चुके दुलाल र्भुइंयां 15 फरवरी को शिवरात्रि के पावन अवसर पर भारतीय जनता पार्टी में दोबारा शामिल होंगे. दुलाल र्भुइंयां का राजनीतिक सफर कई दलों से जुड़ा रहा है. बर्ष 2014 के विधानसभा चुनाव से पहले भी दुलाल भाजपा में गये थे. लेकिन जुगसलाई सीट गठबंधन के तहत आजसू के खाते में चली गई.
इसके बाद उन्होंने भाजपा छोड़ी और कांग्रेस में शामिल हो गए तथा कांग्रेस के टिकट पर चुनाव लड़ा. लेकिन वह चुनाव हार गए. इसके बाद दुलाल ने लगभग छह बर्ष पहले बहुजन समाज पार्टी की सदस्यता ली. पार्टी ने उन्हें पलामू लोकसभा क्षेत्र का प्रभारी बनाया और बर्ष 2019 के लोकसभा चुनाव में बसपा ने उनकी पत्नी अंजना र्भुइंयां पलामू से उम्मीदवार बनाया. लेकिन उन्हें लगभग 10 हजार वोट ही मिले.
दुलाल र्भुइंयां ने कहा कि उन्होंने लगभग 30 बर्षों तक झारखंड मुक्ति मोर्चा में सेवा दी और एक कार्यकर्ता के रूप में लंबा सफर तय किया. वहीं उन्होंने आरोप लगाते हुए कहा कि दिशोम गुरु शिबू सोरेन के अस्वस्थ होने के बाद से पार्टी की दिशा बदल गई और संगठन को हाइजैक कर लिया गया. ऐसे लोगों को केंद्रीय पदों पर बैठाया गया. जिन्हें न तो झारखंड की समझ है और न ही पार्टी की बुनियादी विचारधारा की जानकारी है. दुलाल भुइयां बर्ष 2005 से 2009 तक झारखंड सरकार में भूमि सुधार एवं राजस्व मंत्री रहे. लगातार तीन बार विधायक और दो बार मंत्री रह चुके र्भुइंयां अब एक बार फिर भाजपा के साथ नई राजनीतिक पारी की शुरुआत करेंगे.
