
तुष्टीकरण के कारण कांग्रेस को राम नाम से चिढ़
उदित वाणी, नई दिल्ली : भाजपा प्रदेश कार्यकारी अध्यक्ष एवं राज्यसभा सांसद आदित्य साहू ने उच्च सदन में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान द्वारा प्रस्तुत “गारंटी फॉर रोजगार एंड आजीविका मिशन” (G RAM G) विधेयक के समर्थन में अपनी बात रखी. उन्होंने कहा कि इस योजना से गांव, गरीब और किसानों के जीवन में वास्तविक परिवर्तन का मार्ग खुलेगा.
साहू ने कहा कि जो गरीबी में जन्म लेता है, पलता है और बढ़ता है, वही गरीबी का दर्द समझता है. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने गरीबी को नजदीक से देखा है, इसलिए वे गरीबों के सच्चे हितैषी हैं. उन्होंने कहा कि मनरेगा योजना कांग्रेस शासन में 2007 में शुरू हुई थी, लेकिन यह भ्रष्टाचार और बिचौलियों की लूट का माध्यम बनकर रह गई. झारखंड में इस योजना में व्यापक स्तर पर फर्जीवाड़ा हुआ है, जहां मजदूरों को काम देने की बजाय जेसीबी और डंपर से कार्य कराए गए.
भाजपा सांसद ने कहा कि ऐसी लूट को रोकने और वास्तविक रूप से गरीबों को रोजगार देने के लिए ही नई योजना “जी राम जी” लाई गई है. इस योजना में मजदूरों को अब 125 दिन रोजगार मिलेगा. हर पंचायत में साल में दो बार ऑडिट होगा, योजनाओं को जीपीएस और मोबाइल तकनीक से जोड़ा जाएगा तथा भ्रष्टाचार रोकने के लिए आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) का उपयोग किया जाएगा. उन्होंने कहा कि इस योजना में पारदर्शिता की पूरी गारंटी है और दलालों-बिचौलियों की भूमिका खत्म होगी.
साहू ने कांग्रेस पर तुष्टीकरण की राजनीति करने का आरोप लगाते हुए कहा कि कांग्रेस को न राम पसंद हैं, न गरीबों का विकास. उन्होंने कहा कि कांग्रेस ने राम मंदिर निर्माण का विरोध किया, उद्घाटन का निमंत्रण ठुकराया और अब भी राम नाम से चिढ़ रखती है. महात्मा गांधी ने अपने अंतिम समय में ‘हे राम’ कहा था, क्योंकि राम भारत की आत्मा और पहचान हैं. भाजपा सरकार ने उसी रामलला को तंबू से निकालकर भव्य मंदिर में विराजमान कराया.
सांसद साहू ने कांग्रेस नेतृत्व पर कटाक्ष करते हुए कहा कि कांग्रेस के नेता सोने की चम्मच लेकर जन्मे हैं, इसलिए उन्हें गांवों की स्थिति का अंदाज नहीं है. उन्होंने कहा कि जब भी गांव के विकास की बात होती है, कांग्रेस विरोध करती है. इसी कारण देश में “कांग्रेस मुक्त भारत” का सपना साकार हो रहा है.
साहू ने अंत में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान को ग्रामीण विकास के इस ऐतिहासिक प्रयास के लिए धन्यवाद ज्ञापित करते हुए कहा कि यह विधेयक न्यू इंडिया के सशक्त, आत्मनिर्भर गांवों की दिशा में मील का पत्थर साबित होगा.
