
उदित वाणी, जमशेदपुर/नई दिल्ली: लोकसभा में विपक्ष के नेता Rahul Gandhi ने सोमवार को Ajay Malik के आवास पर जाकर उनसे मुलाकात की. हाल ही में झारखंड के Saranda Forest में नक्सल विरोधी अभियान के दौरान हुए IED विस्फोट में मलिक गंभीर रूप से घायल हो गए थे और उनका एक पैर काटना पड़ा.
मुलाकात के दौरान राहुल गांधी ने अधिकारी के साहस और बलिदान की सराहना करते हुए उन्हें और उनके परिवार को हर संभव सहयोग का भरोसा दिलाया. यह मुलाकात भावनात्मक माहौल में हुई, जहां राहुल गांधी ने देश की सुरक्षा के लिए किए गए उनके योगदान को सम्मानपूर्वक याद किया.
बताया जाता है कि Central Reserve Police Force की 209 कोबरा बटालियन के सहायक कमांडेंट अजय मलिक सरांदा के घने जंगलों में माओवादी उग्रवादियों के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के दौरान गंभीर रूप से घायल हो गए थे. इस घटना में उनका बायां पैर काटना पड़ा.
यह विस्फोट उस समय हुआ जब सुरक्षा बल नक्सल विरोधी अभियान के तहत सर्च ऑपरेशन चला रहे थे. ऐसे अभियानों में अर्धसैनिक बलों को अक्सर बेहद खतरनाक परिस्थितियों में काम करना पड़ता है. शक्तिशाली विस्फोट में मलिक गंभीर रूप से घायल हो गए थे.
मुलाकात के दौरान राहुल गांधी ने अजय मलिक और उनके परिवार के सदस्यों से बातचीत की और कर्तव्य निभाते समय दिखाई गई बहादुरी के लिए उन्हें सलाम किया. उन्होंने कहा कि देश की सुरक्षा में लगे जवानों के त्याग और बलिदान को हमेशा याद रखा जाना चाहिए.
सूत्रों के अनुसार, राहुल गांधी ने मलिक की स्वास्थ्य स्थिति, इलाज और पुनर्वास की प्रक्रिया के बारे में भी विस्तार से जानकारी ली. उन्होंने अधिकारी के जल्द स्वस्थ होने की कामना करते हुए देश की रक्षा के प्रति उनके समर्पण की सराहना की.
गौरतलब है कि Central Reserve Police Force झारखंड के कई जिलों में माओवादियों के खिलाफ लगातार अभियान चला रही है. इन अभियानों के दौरान IED विस्फोट सुरक्षा बलों के लिए सबसे बड़ा खतरा बने रहते हैं.
1 मार्च का ऑपरेशन: कैसे हुआ हमला
1 मार्च 2026 को 209 कोबरा बटालियन और झारखंड पुलिस की संयुक्त टीम ने सरांदा पहाड़ियों में एक बड़े नक्सल विरोधी अभियान को अंजाम दिया. खुफिया सूचना के आधार पर सुरक्षा बल इलाके में सर्च ऑपरेशन चला रहे थे, तभी माओवादी उग्रवादियों द्वारा लगाए गए प्रेशर-ट्रिगर IED में विस्फोट हो गया.
मुठभेड़ और रेस्क्यू ऑपरेशन
विस्फोट के बाद सुरक्षा बलों और उग्रवादियों के बीच गोलीबारी भी हुई, जिसमें एक अन्य जवान भी घायल हो गया. गंभीर रूप से घायल अजय मलिक को तत्काल Border Security Force के हेलीकॉप्टर से एयरलिफ्ट कर Rajendra Institute of Medical Sciences ले जाया गया, जहां उनका विशेष इलाज किया गया.
सरांदा क्षेत्र लंबे समय से माओवादी गतिविधियों के लिए संवेदनशील माना जाता रहा है. घने जंगल और दुर्गम पहाड़ी इलाके के कारण यहां सुरक्षा बलों को अक्सर बारूदी सुरंग और IED जैसे खतरों का सामना करना पड़ता है.
राहुल गांधी और घायल अधिकारी की यह मुलाकात नक्सल प्रभावित इलाकों में तैनात सुरक्षाकर्मियों के जोखिम और उनके बलिदान को एक बार फिर चर्चा में ले आई है.

