
उदित वाणी, नई दिल्ली : राऊज एवेन्यू कोर्ट ने जमीन के बदले नौकरी (लैंड फॉर जॉब) से जुड़े मामले में लालू प्रसाद यादव, राबड़ी देवी, तेजस्वी यादव, मीसा भारती, हेमा यादव, तेज प्रताप यादव समेत कुल 103 लोगों के खिलाफ आरोप तय करने की सुनवाई को 15 दिसंबर तक के लिए टाल दिया है. कोर्ट ने इस मामले में सीबीआई को सभी आरोपियों की विस्तृत वेरिफिकेशन रिपोर्ट दाखिल करने का निर्देश दिया है.
इससे पहले 8 दिसंबर को अदालत ने सीबीआई को दो दिन का अतिरिक्त समय दिया था ताकि एजेंसी सभी आरोपियों की वर्तमान स्थिति स्पष्ट रूप से अदालत के सामने रख सके. अदालत ने यह भी कहा था कि कई आरोपी अब जीवित नहीं हैं, इसलिए यह जानना जरूरी है कि किस आरोपी की क्या स्थिति है और किनके खिलाफ आगे कार्रवाई संभव है.
सीबीआई की ओर से दाखिल चार्जशीट में कहा गया है कि इस मामले में बड़े पैमाने पर भ्रष्टाचार हुआ. एजेंसी का आरोप है कि रेलवे में नौकरी दिलाने के बदले लोगों से जमीन ली गई और ज्यादातर लेन-देन नकद और हवाला जैसे तरीकों से किए गए. कुछ जगह केवल सेल डीड मौजूद हैं.
सीबीआई ने आरोप लगाया है कि यह पूरी प्रक्रिया योजनाबद्ध भ्रष्टाचार का हिस्सा थी. इस मामले में कुल 103 लोग आरोपी बनाए गए हैं, जिनमें चार की मृत्यु हो चुकी है. अदालत ने 4 दिसंबर को सुनवाई के दौरान आरोपियों की स्थिति स्पष्ट न होने के कारण फैसला टाल दिया था.
घोटाले की जांच में यह सामने आया कि पद का दुरुपयोग कर नौकरी दिलाने के बदले बड़ी मात्रा में जमीन ली गई. सीबीआई का मानना है कि यह भ्रष्टाचार व्यापक स्तर पर किया गया था और इसमें कई लोग सीधे शामिल थे.
लैंड फॉर जॉब घोटाला पिछले कुछ वर्षों से देश की राजनीति और जांच एजेंसियों के बीच बहुचर्चित मुद्दा बना हुआ है. इस मामले की सुनवाई और आरोप तय होने के बाद ही आगे की कानूनी कार्रवाई संभव होगी.
(आईएएनएस)

