
उदित वाणी, चक्रधरपुर : चक्रधरपुर में गंभीर रूप से झुलसे एक युवक की मदद के लिए समाजसेवियों ने मानवता की मिसाल पेश की. सुमिता होता फाउंडेशन और स्थानीय समाजसेवियों की पहल से घायल युवक संजय बाऊरी को उसके परिजनों तक सुरक्षित पहुंचाने की व्यवस्था की गई है.
जानकारी के अनुसार संजय बाऊरी नामक युवक चक्रधरपुर में गंभीर रूप से झुलसी अवस्था में मिला था. समाजसेवी बैरम खान की तत्परता से उसे तुरंत अनुमंडल अस्पताल चक्रधरपुर पहुंचाया गया, जहां उसका इलाज जारी है.
बताया जाता है कि जब समाजसेवी अस्पताल पहुंचे तो पाया कि घायल युवक के पास न तो मोबाइल था और न ही कोई पहचान से संबंधित कागजात. साथ ही उसकी मानसिक स्थिति भी ठीक नहीं थी, जिसके कारण उसकी पहचान करना काफी मुश्किल हो रहा था.
ऐसी स्थिति में समाजसेवी सदानंद होता और लाल बाबू दास ने पहल करते हुए मोबाइल के माध्यम से उसकी पहचान और परिजनों का पता लगाने का प्रयास शुरू किया. काफी कोशिशों के बाद उन्होंने पश्चिम बंगाल के बांकुरा जिले के पुलिस अधीक्षक से संपर्क करने की कोशिश की, लेकिन फोन व्यस्त मिला. इसके बाद उन्होंने एसपी कार्यालय के लैंडलाइन नंबर पर संपर्क किया, जहां एक महिला कर्मचारी से बातचीत हुई.
महिला कर्मचारी के माध्यम से हिडबांध थाना प्रभारी से संपर्क स्थापित किया गया. थाना प्रभारी ने संजय बाऊरी की फोटो, वीडियो और अन्य जानकारी भेजने को कहा. जानकारी भेजे जाने के करीब दस मिनट बाद ही संजय बाऊरी के परिजनों ने सदानंद होता से संपर्क किया और उसे घर लाने का अनुरोध किया.
इसके बाद सुमिता होता फाउंडेशन की पहल पर एम्बुलेंस की व्यवस्था की गई. योजना के अनुसार संजय बाऊरी को उसके परिजनों के साथ एम्बुलेंस से उसके गांव पायरा, थाना हिडबांध, जिला बांकुरा (पश्चिम बंगाल) भेजा जाएगा. वहां उसके परिजन उसकी देखभाल करेंगे और आगे बेहतर इलाज के लिए बांकुरा या पुरुलिया में उपचार कराया जाएगा.
इस पूरे प्रयास में समाजसेवियों की तत्परता और मानवता की भावना की स्थानीय लोगों ने सराहना की है. लोगों का कहना है कि इस तरह के सामाजिक कार्य समाज में सकारात्मक संदेश देने के साथ मानवता को मजबूत करते हैं.

