उदित वाणी, रांची: कल्याण मंत्री चमरा लिंडा ने मुख्यमंत्री रोजगार सृजन योजना को वृहद स्तर पर प्रचारित करने का निर्देश दिया है ताकि झारखंड के सभी जिलों में स्वरोजगार को बढ़ावा मिल सके. मंत्री ने इस योजना के तहत प्राप्त आवेदनों का समयबद्ध निष्पादन सुनिश्चित करने की बात कही. उन्होंने कहा कि नए एकलव्य मॉडल आवासीय विद्यालयों का संचालन यथाशीघ्र प्रारंभ होना चाहिए.
यह बातें लिंडा ने सोमवार को मुख्यमंत्री रोजगार सृजन योजना और विभिन्न आवासीय विद्यालयों की समीक्षा बैठक में कही. इसमें अनुसूचित जनजाति, अनुसूचित जाति, पिछड़ा वर्ग और अन्य वर्गों के आवासीय विद्यालयों की स्थिति पर भी चर्चा की गई.
लाभुकों की सफलता से अन्य जरूरतमंदों को जोड़े जाने का निर्देश
बैठक में मंत्री ने विगत वर्षों में स्वरोजगार ऋण के वितरण की सराहना करते हुए चालू वित्तीय वर्ष में इसे तेज गति से क्रियान्वित करने का निर्देश दिया. उन्होंने योजना से लाभान्वित लाभुकों की सफलता की कहानियों को प्रचारित करने और इससे प्रेरणा लेकर अन्य जरूरतमंदों को जोड़ने की अपील की.
मंत्री ने सभी जिला कल्याण पदाधिकारियों को निर्देश दिया कि वे ऋण वितरण और वसूली से संबंधित प्रतिवेदन एक सप्ताह के भीतर समर्पित करें.
वाहन ऋण का दुरुपयोग रोकने की पहल
लिंडा ने अधिकारियों को यह सुनिश्चित करने का निर्देश दिया कि वाहन ऋण केवल व्यवसायिक उपयोग के लिए ही दिया जाए. उन्होंने कहा कि बड़ी संख्या में लाभुक गैर-व्यावसायिक बड़े वाहन ले रहे हैं, जिससे योजना के उद्देश्य प्रभावित हो रहे हैं.
ऐसी स्थिति पर रोक लगाने और केवल व्यवसायिक वाहनों के लिए ऋण उपलब्ध कराने की प्रक्रिया पर बल दिया गया. यदि इसके लिए संकल्प में संशोधन की आवश्यकता हो, तो इसे शीघ्र पूरा करने के निर्देश दिए गए हैं.
कल्याण मंत्री ने दिए सख्त निर्देश
चमरा लिंडा ने स्वरोजगार और शिक्षा के लिए योजनाओं को समयबद्ध और प्रभावी तरीके से लागू करने पर जोर दिया. उन्होंने कहा कि यह योजनाएं समाज के कमजोर वर्गों के उत्थान में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं.
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