
सरायकेला–खरसावाँ जिला प्रशासन की पहल पर जिले में जल संरक्षण को बढ़ावा देने के उद्देश्य से “AQUALINE BHUVANAM – पानी की खेती” नामक नवाचारी पायलट परियोजना का शुभारंभ किया गया. इस परियोजना का उद्घाटन उपायुक्त नितिश कुमार सिंह ने पारंपरिक विधि-विधान के साथ किया. परियोजना का उद्देश्य वर्षा जल संचयन, भू-गर्भ जल पुनर्भरण (रीचार्ज) और जल संरक्षण को बढ़ावा देना है, ताकि क्षेत्र में भूजल स्तर में सुधार हो सके.
कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालय को मिलेगा लाभ
इस परियोजना के माध्यम से सरायकेला स्थित कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालय की छात्राओं को स्वच्छ और पर्याप्त जल की उपलब्धता सुनिश्चित करने का लक्ष्य रखा गया है. इसके साथ ही विद्यालय परिसर में जल संरक्षण की इस तकनीक को एक मॉडल के रूप में विकसित किया जा रहा है.
प्रस्तुति में बताई गई वैज्ञानिक पद्धति
उद्घाटन के बाद विद्यालय परिसर में आयोजित संवाद कार्यक्रम में परियोजना के उद्देश्य और तकनीकी पहलुओं की जानकारी दी गई. इस अवसर पर रथिन भद्र ने “AQUALINE BHUVANAM – पानी की खेती” परियोजना पर प्रस्तुति देते हुए वर्षा जल के वैज्ञानिक संग्रहण, भू-गर्भ जल पुनर्भरण तथा जल के सतत उपयोग की प्रणाली के बारे में विस्तार से बताया. उन्होंने कहा कि वर्षा जल को वैज्ञानिक तरीके से संग्रहित कर भूगर्भ में पुनर्भरित किया जाएगा, जिससे भूजल स्तर में सुधार होगा और मिट्टी में नमी बनाए रखने में भी मदद मिलेगी.
भविष्य में अन्य क्षेत्रों में भी लागू होगी तकनीक
अपने संबोधन में उपायुक्त नितिश कुमार सिंह ने कहा कि यह पहल केवल विद्यालय परिसर तक सीमित नहीं है. इसके सकारात्मक परिणामों को देखते हुए भविष्य में इस तकनीक को जिले के अन्य क्षेत्रों में भी लागू किया जा सकता है. उन्होंने कहा कि इस प्रकार की जल संरक्षण तकनीक आदिवासी समुदायों और किसानों के लिए भी उपयोगी साबित हो सकती है, जिससे वर्ष भर सिंचाई के लिए पानी की उपलब्धता सुनिश्चित होगी और कृषि उत्पादन में वृद्धि होगी.
छात्राओं को नवाचार और उद्यमिता के लिए किया प्रेरित
उपायुक्त ने विद्यालय की छात्राओं को संबोधित करते हुए उन्हें नवाचार और उद्यमिता की दिशा में आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया. उन्होंने कहा कि छात्राओं को केवल नौकरी करने तक सीमित न रहकर रोजगार सृजन करने वाली बनने का लक्ष्य रखना चाहिए और अपने आसपास की समस्याओं को समझते हुए नवाचार की दिशा में सोच विकसित करनी चाहिए.
कार्यक्रम में कई अधिकारी रहे मौजूद
इस अवसर पर जिला योजना पदाधिकारी, जिला शिक्षा पदाधिकारी, जिला जनसंपर्क पदाधिकारी, रथिन भद्र, राजा बागची (संस्थापक, AQUALINE BHUVANAM) तथा मनोज कुमार (राष्ट्रीय उपाध्यक्ष, इंडियन स्टार्टअप एसोसिएशन) सहित अन्य संबंधित पदाधिकारी उपस्थित रहे.
भविष्य में जिले के अन्य क्षेत्रों में भी होगा विस्तार
जिला प्रशासन का मानना है कि “AQUALINE BHUVANAM – पानी की खेती” एक पर्यावरण अनुकूल और टिकाऊ पहल है. इसके सकारात्मक परिणामों को देखते हुए भविष्य में इस तकनीक को जिले के अन्य क्षेत्रों में भी लागू करने की योजना बनाई जाएगी, ताकि अधिक से अधिक लोगों को इसका लाभ मिल सके और जल संरक्षण के क्षेत्र में एक सशक्त उदाहरण स्थापित किया जा सके.

