
उदित वाणी, सरायकेला : जिला समाहरणालय सभागार में जिले में कुपोषण की दर को प्रभावी ढंग से कम करने के उद्देश्य से ‘समर अभियान’ के सफल क्रियान्वयन हेतु एक दिवसीय प्रशिक्षण कार्यशाला का आयोजन किया गया. जिला समाज कल्याण पदाधिकारी श्रीमती सत्या ठाकुर की अध्यक्षता में आयोजित इस कार्यक्रम को SCoE, RIMS रांची से आई प्रशिक्षक श्रीमती रीमा कुमारी ने संचालित किया.
कार्यशाला का मुख्य फोकस गंभीर रूप से कुपोषित (SAM) एवं मध्यम रूप से कुपोषित (MAM) बच्चों की समयबद्ध पहचान, प्रबंधन और उपचार सुनिश्चित करना तथा संबंधित विभागों के बीच समन्वय मजबूत करना रहा.
अध्यक्षता कर रही श्रीमती ठाकुर ने अपने सम्बोधन में आंगनवाड़ी सेविकाओं एवं महिला पर्यवेक्षिकाओं को निर्देश दिए कि वे अपने क्षेत्रों में उन टोलों-मोहल्लों का चिन्हीकरण करें, जहां नए कुपोषित बच्चों की पहचान संभव हो. चिन्हित बच्चों को ‘शिशु शक्ति’ (ATHR) एवं आवश्यक दवाएं उपलब्ध कराते हुए सामुदायिक स्तर पर प्रबंधन व पाक्षिक फॉलो-अप सुनिश्चित करने तथा चिकित्सीय जटिलता वाले बच्चों को तत्काल ‘कुपोषण उपचार केंद्र’ (MTC) में भेजने पर जोर दिया. अभियान के आंकड़ों को ‘समर कार्यक्रम’ ऐप पर समयबद्ध और शुद्ध रूप से अपलोड करने का प्रशिक्षण भी दिया गया.
उन्होंने स्वास्थ्य एवं समाज कल्याण विभागों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित कर कुपोषण उन्मूलन की दिशा में ठोस कदम उठाने का आह्वान किया.
कार्यशाला के अंत में निर्णय लिया गया कि सभी आंगनबाड़ी केंद्रों पर बच्चों का नियमित वजन-ऊंचाई मापन होगा, ग्राम स्तर पर पोषण जागरूकता बैठकें आयोजित की जाएंगी तथा अभियान की साप्ताहिक समीक्षा होगी.
कार्यक्रम में बाल विकास परियोजना पदाधिकारी (CDPO) श्रीमती बिभा सिन्हा एवं श्रीमती रीमा साहू, महिला पर्यवेक्षिकाएं श्रीमती सविता सिन्हा, श्रीमती प्रीति कुमारी, श्रीमती पुतुल सिंह, संबंधित विभाग के कर्मी श्री रितेश महापात्रा तथा SCoE, RIMS के प्रखंड समन्वयक श्री सोना सिंह, श्रीमती अर्चना कुमारी एवं श्री नितेश मिश्रा उपस्थित रहे.

