
उदित वाणी, सरायकेला : सरायकेला नगर पंचायत के सफाईकर्मियों द्वारा दो महीने से वेतन न मिलने के विरोध में गुरुवार को शुरू किया गया अनिश्चितकालीन धरना कुछ ही घंटों में समाप्त हो गया. नगर पंचायत के पूर्व उपाध्यक्ष मनोज कुमार चौधरी की त्वरित पहल पर सफाईकर्मी काम पर लौट आए.
दो माह का वेतन बकाया, घरेलू संकट गहराया
सफाईकर्मियों ने बताया कि पिछले दो महीनों से मानदेय न मिलने से दुकानदारों का कर्ज, बच्चों की फीस और घरेलू खर्च मुश्किल से चल पा रहे थे. गुरुवार सुबह नगर पंचायत कार्यालय परिसर में धरना शुरू होते ही पूरे नगर में सफाई ठप हो गई. किसी भी मोहल्ले से कचरा उठाव नहीं हुआ और कर्मियों ने जमकर नारेबाजी की. उन्होंने कहा कि लगातार वेतन देरी से वे आर्थिक व मानसिक संकट में हैं.
पूर्व उपाध्यक्ष की मध्यस्थता से आश्वासन
धरना की सूचना पर पूर्व उपाध्यक्ष मनोज कुमार चौधरी पहुंचे और कर्मियों से बातचीत की. उन्होंने तत्काल नगर प्रशासक समीर बोदरा से फोन पर चर्चा कर वेतन भुगतान का निर्देश दिया. प्रशासक ने 45 दिन का बकाया दो दिनों में और शेष फरवरी में जनवरी वेतन के साथ देने का आश्वासन दिया. चौधरी ने कहा कि सफाईकर्मी वर्ष भर गर्मी-सर्दी-बरसात में नगर साफ करते हैं, ऐसे में वेतन देरी दुर्भाग्यपूर्ण है.
कमीशनखोरी का आरोप, आंदोलन की चेतावनी
चौधरी ने सफाई किट में कमीशनखोरी का आरोप लगाते हुए कहा कि दी जाने वाली सामग्री निम्न गुणवत्ता की होती है, जिसे कर्मी इस्तेमाल नहीं कर पाते. उन्होंने चेताया कि नगर पंचायत का रवैया न बदला तो सफाईकर्मियों संग व्यापक आंदोलन होगा.

