
उदित वाणी, सरायकेला : उपायुक्त नितिश कुमार सिंह की अध्यक्षता में सोमवार को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से जिला स्तरीय सड़क सुरक्षा समिति की बैठक आयोजित की गई. बैठक में पुलिस अधीक्षक मुकेश लूणायत, अपर उपायुक्त श्रवर्धन कुमार, जिला परिवहन पदाधिकारी गिरिजा शंकर महतो, अनुमंडल पदाधिकारी सरायकेला–चांडिल, पुलिस उपाधीक्षक (मुख्यालय), यातायात निरीक्षक तथा अन्य संबंधित पदाधिकारी शामिल हुए.
बैठक की शुरुआत पूर्ववर्ती निर्देशों की समीक्षा से हुई. इस दौरान जिला परिवहन पदाधिकारी ने बताया कि नवंबर 2025 में जिले में कुल 25 सड़क दुर्घटनाएं दर्ज की गईं, जिनमें 25 लोगों की मृत्यु और 9 लोग घायल हुए. उन्होंने बताया कि जिले में कुल 18 ब्लैक स्पॉट चिन्हित किए गए हैं, जिनके सुधार हेतु कार्रवाई जारी है. यातायात निरीक्षक ने जानकारी दी कि नवंबर माह में सघन वाहन जांच अभियान के दौरान यातायात नियमों के उल्लंघन पर लगभग 22 लाख 78 हजार 600 रुपये जुर्माना वसूला गया.
उपायुक्त ने बैठक में जिले में सड़क सुरक्षा को और अधिक सुदृढ़ बनाने पर बल दिया. उन्होंने निर्देश दिया कि जिन सड़कों पर भारी एवं वजनी वाहनों का परिचालन प्रतिबंधित है, उन मार्गों पर ऐसे वाहनों के आवागमन पर पूर्ण रोक लगाई जाए. दुर्घटना संभावित क्षेत्रों में ज़ेबरा क्रॉसिंग, जिग–जैग रोड मार्किंग, स्पीड ब्रेकर, चेतावनी संकेतक बोर्ड और स्ट्रीट लाइट की स्थापना व मरम्मत शीघ्र पूर्ण करने का निर्देश दिया गया, ताकि सड़क दुर्घटनाओं की पुनरावृत्ति को रोका जा सके.
उपायुक्त ने चांडिल–कांड्रा सड़क के निर्माण कार्य को तय समय सीमा में गुणवत्तापूर्ण ढंग से पूरा करने और JARDCL को सभी प्रमुख सड़कों की मरम्मत शीघ्र कराने का निर्देश दिया. विशेष रूप से चौका से खूंटी गाँव तक टोल टैक्स रोड के मरम्मत कार्य को प्राथमिकता देने को कहा गया.
उन्होंने निर्देश दिया कि सड़क सुरक्षा सप्ताह के अंतर्गत ग्रामीण क्षेत्रों में विशेष अभियान चलाकर लोगों को हेलमेट और सीट बेल्ट के अनिवार्य उपयोग के प्रति जागरूक किया जाए. यातायात नियमों के उल्लंघन पर दंड की जानकारी व्यापक रूप से दी जाए. साथ ही कोहरे के मौसम को ध्यान में रखते हुए चालकों को फॉग लाइट, सुरक्षित गति, और दूरी बनाए रखने जैसे उपायों के प्रति जागरूक किया जाए.
बैठक के समापन पर उपायुक्त ने निर्देश दिया कि सड़क सुरक्षा से संबंधित सभी कार्यों का क्रियान्वयन विभागीय समन्वय के साथ समयबद्ध और प्रभावी ढंग से किया जाए, ताकि जिले में सड़क दुर्घटनाओं में कमी लाकर सुरक्षित यातायात व्यवस्था स्थापित की जा सके.

