
उदित वाणी, सरायकेला: राजनगर प्रखंड के जोनबनी पंचायत अंतर्गत ग्राम बड़ागीधी निवासी रोहित हो की जिंदगी में प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना ने एक सकारात्मक मोड़ ला दिया. इस योजना के तहत उन्होंने अपने खेत में एक तालाब का निर्माण कराया, जिससे अब उनकी खेती सुचारु रूप से चल रही है और वे आत्मनिर्भर बन चुके हैं.
सिंचाई सुविधा से आई राहत
पहले रोहित हो को सिंचाई की कमी के कारण खेती में अनेक परेशानियों का सामना करना पड़ता था. लेकिन तालाब बनने के बाद उनके खेतों में पर्याप्त जल उपलब्ध होने लगा है. इससे वे समय पर फसलों को पानी दे पा रहे हैं, जिससे उत्पादन में वृद्धि हुई है.
तालाब निर्माण के बाद रोहित हो ने पारंपरिक अनाज के साथ-साथ सब्जियों की भी खेती शुरू की. इस विविधता से उनकी आय में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है. उन्होंने बताया कि अब उन्हें खेती से नियमित रूप से अच्छी आमदनी हो रही है.
नवाचार की ओर: ड्रैगन फ्रूट की खेती
खेती में नवाचार की ओर कदम बढ़ाते हुए रोहित हो ने एक एकड़ भूमि में ड्रैगन फ्रूट की खेती प्रारंभ की है. इस फसल से उन्हें भविष्य में और अधिक मुनाफा होने की उम्मीद है. यह पहल अन्य किसानों के लिए भी प्रेरणास्रोत बन सकती है.
आत्मनिर्भरता और जल प्रबंधन की मिसाल
रोहित हो ने जल प्रबंधन के प्रभावी तरीके अपनाते हुए खेती में आत्मनिर्भरता प्राप्त की है. उनका कहना है कि अब उन्हें सिंचाई के लिए किसी पर निर्भर नहीं रहना पड़ता. तालाब से न सिर्फ पानी की जरूरत पूरी हो रही है, बल्कि यह उनके आत्मबल और आत्मनिर्भरता का भी प्रतीक बन चुका है.

