
उदित वाणी, रांची : कांके अंचल अंतर्गत नगड़ी मौजा स्थित प्रस्तावित रिम्स-2 के निर्माण को लेकर रविवार को स्थानीय जिला प्रशासन और आदिवासी समुदाय के बीच भारी टकराव की प्रबल आशंका है. नगड़ी मौजा में जहां रिम्स-टू के प्रस्तावित भूमि में पूर्व मुख्यमंत्री चंपाई सोरेन के नेतृत्व में आदिवासी समुदाय के लोगों ने हल जोतो, रोपा- रोपो कार्यक्रम आयोजित किया गया है. इस कार्यक्रम में बड़ी संख्या में आदिवासी समुदाय के लोगों के शामिल होकर निर्माण स्थल पर कब्जे को लेकर हल जोतने का प्रयास किया जा सकता है.
वहीं क्षेत्र में शांति एवं विधि-व्यवस्था बनाए रखने के लिए प्रशासन द्वारा कड़ा कदम उठाया गया है. रांची सदर अनुमंडल दंडाधिकारी द्वारा रिम्स-टू के प्रस्तावित निर्माण स्थल के 200 मीटर की परिधि में बीएनएसएस की धारा-163 के तहत निषेधाज्ञा लागू कर दी गई है. प्रशासन के अनुसार रिम्स-टू के सीमांकन और फेंसिंग का कार्य पूर्ण हो चुका है. लेकिन वहां लोगों की भीड़ जुटने और कुछ असामाजिक तत्वों द्वारा अंदर प्रवेश करने और माहौल बिगाड़ने की आशंका जताई गई है. जिसके कारण क्षेत्र में निषेधाज्ञा लागू कर दी गई है. जिसके तहत रिम्स-2 निर्माण स्थल के आसपास पांच या पांच से अधिक लोगों का एकत्रित होने पर प्रतिबंधित लगा दिया गया है.
ध्वनि विस्तारक यंत्रों का उपयोग भी नहीं किया जा सकेगा. किसी भी प्रकार के हथियार जैसे बंदूक, रिवॉल्वर, बम, बारूद, लाठी-डंडा, तीर-धनुष, भाला आदि हरवे-हथियार ले जाना प्रतिबंधित रहेगा. किसी भी प्रकार की बैठक या आमसभा भी आयोजित नहीं किया जा सकेगा. यह निषेधाज्ञा तत्काल प्रभाव से लागू की गई है और अगले आदेश तक प्रभावी रहेगी.
