
उदित वाणी, रांची : Singhbhum Chamber of Commerce and Industry (SCCI) के एक प्रतिनिधिमंडल ने अध्यक्ष Manav Kedia के नेतृत्व में रांची स्थित नवनिर्मित Jharkhand Vidhan Sabha में झारखंड के मुख्यमंत्री Hemant Soren से मुलाकात कर कोल्हान और जमशेदपुर क्षेत्र के औद्योगिक व शहरी विकास से जुड़े कई महत्वपूर्ण मुद्दे उठाए.
प्रतिनिधिमंडल में मानद महासचिव Punit Kauntia, उपाध्यक्ष (टैक्स एवं फाइनेंस) Rajeev Agarwal, उपाध्यक्ष (उद्योग) Harsh Bankarewal, सचिव (उद्योग) Vinod Sharma तथा सचिव (टैक्स एवं फाइनेंस) Anshul Ringasia शामिल थे.
विधानसभा की कार्यवाही का किया अवलोकन
प्रतिनिधिमंडल ने Saryu Roy के साथ विधानसभा पहुंचकर सत्र की कार्यवाही को प्रत्यक्ष रूप से देखा और लाइव कार्यवाही का अवलोकन किया.
धालभूमगढ़ एयरपोर्ट परियोजना पर चर्चा
बैठक के दौरान प्रतिनिधिमंडल ने सबसे पहले लंबे समय से लंबित Dhalbhumgarh Airport Project का मुद्दा उठाया. चैंबर ने कहा कि यह परियोजना पिछले छह वर्षों से अधिक समय से लंबित है. इसके पूरा होने से कोल्हान क्षेत्र में उद्योग, व्यापार और पर्यटन को बड़ा प्रोत्साहन मिलेगा. मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने आश्वासन दिया कि वे स्वयं इस परियोजना की प्रगति पर नजर रखे हुए हैं और जल्द ही इसमें ठोस प्रगति होगी.
जमशेदपुर में बंद पड़ी रजिस्ट्री का मुद्दा
प्रतिनिधिमंडल ने Tata Steel के कमांड एरिया में पिछले लगभग दस वर्षों से बंद पड़ी जमीन रजिस्ट्री का मुद्दा भी उठाया. चैंबर ने बताया कि रजिस्ट्री बंद होने से रियल एस्टेट, निर्माण कार्य और शहर के समग्र विकास पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ रहा है. इससे व्यापारिक गतिविधियां भी प्रभावित हो रही हैं.

JIADA को भूमि अधिग्रहण की शक्ति देने की मांग
चैंबर ने यह भी सुझाव दिया कि Jharkhand Industrial Area Development Authority (JIADA) को अन्य राज्यों की औद्योगिक विकास संस्थाओं की तरह भूमि अधिग्रहण का अधिकार दिया जाए. प्रतिनिधिमंडल ने बताया कि वर्तमान में JIADA के पास भूमि अधिग्रहण की शक्ति नहीं होने से औद्योगिक भूमि बैंक विकसित नहीं हो पा रहा है, जिससे विशेषकर MSME क्षेत्र के उद्योगों की स्थापना में कठिनाई हो रही है.
भूमि रिकॉर्ड में सुधार की मांग
प्रतिनिधिमंडल ने जुगसलाई, मानगो और टाटा कमांड एरिया से बाहर के कई क्षेत्रों में भूमि रिकॉर्ड में अब भी “बिहार सरकार” का नाम दर्ज रहने का मुद्दा भी उठाया. चैंबर ने कहा कि राज्य विभाजन के बाद यह स्थिति अप्रासंगिक हो चुकी है, लेकिन रिकॉर्ड में सुधार नहीं होने से भूमि से जुड़े कई प्रशासनिक और कानूनी विवाद सामने आ रहे हैं. इस समस्या के समाधान के लिए व्यापक भूमि सर्वेक्षण और रिकॉर्ड सुधार की मांग की गई.
मुख्य सचिव से भी हुई चर्चा
प्रतिनिधिमंडल ने राज्य के मुख्य सचिव Avinash Kumar से भी मुलाकात कर इन सभी विषयों पर चर्चा की. इस दौरान जमशेदपुर–आदित्यपुर औद्योगिक क्षेत्र में कमर्शियल एलपीजी की आपूर्ति में आ रही कमी और उससे उद्योगों को हो रही परेशानी का मुद्दा भी प्रमुखता से उठाया गया.
विधायकों से भी की मुलाकात
विधानसभा में प्रतिनिधिमंडल ने वित्त मंत्री Radha Krishna Kishore, पूर्वी जमशेदपुर की विधायक Purnima Sahu, बहरागोड़ा के विधायक Sameer Mohanty तथा घाटशिला के विधायक Somes Soren से भी मुलाकात की.
विकास को मिलेगी नई गति
चैंबर अध्यक्ष मानव केडिया ने बताया कि मुख्यमंत्री सहित सभी जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों ने उठाए गए मुद्दों को गंभीरता से सुना और इनके समाधान के लिए सकारात्मक पहल का आश्वासन दिया. उन्होंने विश्वास जताया कि इन विषयों पर जल्द निर्णय होने से जमशेदपुर और कोल्हान क्षेत्र के औद्योगिक, व्यावसायिक और शहरी विकास को नई गति मिलेगी.

