
उदित वाणी, रांची : प्रकृति पर्व सरहुल को लेकर राज्यभर में तैयारियां तेज हो गई हैं. इसी क्रम में शुक्रवार को मुख्यमंत्री हेमन्त सोरेन से मुख्यमंत्री आवासीय कार्यालय में रांची की विभिन्न सरना समितियों के प्रतिनिधिमंडलों ने शिष्टाचार भेंट कर उन्हें सरहुल पूजा महोत्सव में शामिल होने के लिए आमंत्रित किया.
केंद्रीय सरना समिति ने सिरमटोली कार्यक्रम का दिया न्योता
केंद्रीय सरना समिति, रांची के प्रतिनिधिमंडल ने मुख्यमंत्री से भेंट कर 21 मार्च 2026 को केंद्रीय सरना स्थल, सिरमटोली में आयोजित पारंपरिक सरहुल पूजन कार्यक्रम में शामिल होने का सादर आमंत्रण दिया.
इस प्रतिनिधिमंडल में समिति के अध्यक्ष अजय तिर्की, राहुल उरांव, नीमा तिर्की, सुषमा रानी भगत, मुन्ना उरांव, सचिन कच्छप, बबलू उरांव, लक्ष्मी नारायण मुंडा, अमित मुंडा, सुनील टोप्पो, बाबूलाल महली, कमिश्नर मुंडा और विजय कच्छप समेत कई सदस्य उपस्थित थे.

डहूटोली सरना पूजा समिति ने भी सौंपा आमंत्रण पत्र
वहीं, सरना पूजा समिति, डहूटोली, हातमा, रांची के प्रतिनिधिमंडल ने भी मुख्यमंत्री से मुलाकात कर सरहुल पूजा महोत्सव में शामिल होने के लिए आमंत्रण पत्र सौंपा.
इस प्रतिनिधिमंडल में समिति के अध्यक्ष विश्वास उरांव, कमल मुंडा, रोहन कच्छप, आशुतोष गोस्वामी, सुधीर मिंज और बसंत टोप्पो शामिल थे.

पारंपरिक आस्था और संस्कृति का प्रतीक है सरहुल
दोनों समितियों ने मुख्यमंत्री से आग्रह किया कि वे इस महत्वपूर्ण प्रकृति पर्व में शामिल होकर आदिवासी परंपरा और संस्कृति को सम्मान दें. सरहुल पर्व झारखंड की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत और प्रकृति के प्रति आस्था का प्रतीक माना जाता है.

