
उदित वाणी, रांची: राज्यमंत्रिपरिषद द्वारा दो दिन पहले रेड बर्ड एयरवेज को राज्य में वीआईपी और वीवीआईपी उड़ान के लिए छह महीने तक दिये गये सेवा विस्तार के निर्णय को फिलहाल होल्ड पर रखा गया। प्रभारी मंत्री इरफान अंसारी ने शनिवार को विधानसभा में बताया कि कैबिनेट की बैठक में कंपनी को सेवा विस्तार देने पर निर्णय लिया गया था। लेकिन मुख्यमंत्री के साथ चर्चा के बाद कांट्रैक्ट देने पर कैबिनेट की स्वीकृति का मामला होल्ड पर रखा गया है।
उन्होंने कहा कि रेड बर्ड एयर एंबुलेंस के दुर्घटना में सात लोग मारे गए थे। यह बहुत ही पीड़ादायक है। वहीं उन्होंने कहा कि दुर्घटना में मारे गए सभी सात लोगों को सरकार मुआवजा देगी। इस दुर्घटना की जांच डीजीसीए कर रहा है। मंत्री इरफान भाजपा विधायक डा कुशवाहा शशिभूषण मेहता द्वारा उठाये गये तारांकित सवाल पर जबाब दे रहे थे।
राज्य सरकार नहीं खरीदेगी अपना हेलीकोप्टर व विमान
विधायक डा शशि भूषण मेहता ने तारांकित प्रश्न के माध्यम से राज्य सरकार द्वारा निजी एजेंसियों से हेलीकॉप्टर और विमान किराये पर लेने का मामला उठाया और कहा कि इससे सरकारी खजाने पर भारी बोझ पड़ रहा है। इस पर मंत्री दीपक बिरुआ ने जबाब देते हुए बताया कि नया हेलीकॉप्टर या विमान खरीदना व्यावहारिक नहीं है।
विधायक डा शशि भूषण मेहता ने तारांकित प्रश्न के माध्यम से राज्य सरकार द्वारा निजी एजेंसियों से हेलीकॉप्टर और विमान किराये पर लेने का मामला उठाया और कहा कि इससे सरकारी खजाने पर भारी बोझ पड़ रहा है। इस पर मंत्री दीपक बिरुआ ने जबाब देते हुए बताया कि नया हेलीकॉप्टर या विमान खरीदना व्यावहारिक नहीं है।
उन्होंने बताया कि एक हेलीकॉप्टर की कीमत 80 से 110 करोड़ और विमान का बाजार दर 150 से 200 करोड़ रुपए के बीच पड़ती है। जबकि उसके रखरखाव, मरम्मति, इंश्योरेंस, स्पेयर पार्टस, डीजीसीए की मंजूरी, पायलट समेत क्रू मेंबर, ग्राउंड क्रू एवं तकनीकी मानवबल इत्यादि पर भारी राशि खर्च होती है। उन्होंने बताया कि कई राज्यों द्वारा जैसे बिहार, पश्चिम बंगाल, मध्य प्रदेश, असम, मेघालय, महारष्ट्र, कर्नाटक, केरल, तमिलनाडु और ओडिशा में भी निजी एजेंसियों से ही ऐसी सेवाएं ली जा रही है। उन्होंने कहा कि हेलीकोप्टर या विमान खरीदने का कोई प्रस्ताव विचाराधीन नहीं है। वहीं सरकार के जबाब का भाजपा के वरिष्ठ विधायक सीपी सिंह ने भी समर्थन किया।
Advertisement
<

