
उदित वाणी जादूगोड़ा: स्वतंत्र भारत में पूर्वी सिंहभूम जिले के बहरागोड़ा–घाटशिला संयुक्त विधानसभा क्षेत्र के प्रथम विधायक रहे स्वर्गीय मुकुंद राम ताती की 124वीं जयंती रविवार को पोटका प्रखंड के मानपुर चौक पर श्रद्धा और सम्मान के साथ मनाई गई. इस अवसर पर पान–ताती बुनकर समिति पोटका की ओर से एक कार्यक्रम का आयोजन किया गया, जिसमें समाज के लोगों ने उनकी प्रतिमा पर माल्यार्पण कर श्रद्धांजलि अर्पित की.
कार्यक्रम के दौरान समिति के अध्यक्ष बलराम पात्र, संरक्षक मंगल पान, विश्वनाथ खुटिया, प्राण बल्लभ पात्र, सचिव रामेश्वर पात्र, उपाध्यक्ष दिलीप कुमार पात्र, कोषाध्यक्ष अविराम पात्र, संजय पात्र, पूर्णो चंद्र पात्र, पिकाको पात्र, चंद्रा प्रभा पान, विमल प्रसाद खुटिया समेत समाज के अन्य गणमान्य लोग मौजूद रहे.
इस अवसर पर केक काटकर स्वर्गीय मुकुंद राम ताती का जन्मोत्सव मनाया गया. साथ ही समिति के अध्यक्ष बलराम पात्र द्वारा उनकी जीवनी पर आधारित पुस्तक “नव चेतना” का भी अनावरण किया गया.
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए बलराम पात्र ने कहा कि स्वर्गीय मुकुंद राम ताती जीवनभर समाज के उत्थान और अधिकारों के लिए संघर्ष करते रहे. उन्होंने कहा कि पान–ताती समाज को अनुसूचित जाति का दर्जा दिलाने के लिए भी उन्होंने लगातार आवाज उठाई थी, लेकिन अब तक इस दिशा में सफलता नहीं मिल सकी है.
उन्होंने झारखंड सरकार से मांग करते हुए कहा कि पान–ताती समाज को अनुसूचित जाति का दर्जा दिया जाए, ताकि समाज के लोगों को भी सामाजिक और शैक्षणिक विकास के अवसर मिल सकें. उन्होंने यह भी कहा कि एक ओर उनकी जमीन पर सीएनटी एक्ट लागू कर जमीन की खरीद–फरोख्त पर रोक लगाई गई है, वहीं दूसरी ओर उनकी जाति को अनुसूचित जाति में शामिल नहीं किया गया है, जो समाज के साथ अन्याय है.
इस मौके पर उपस्थित लोगों ने स्वर्गीय मुकुंद राम ताती के जीवन, उनके संघर्ष और दबे–कुचले लोगों के हक और अधिकार के लिए किए गए कार्यों को याद किया तथा उनके आदर्शों पर चलने का संकल्प लिया.

