
उदित वाणी, रांची : कुष्ठ रोग अब लाइलाज नहीं है. यदि समय पर इसकी पहचान हो जाए तो इसे पूरी तरह से ठीक किया जा सकता है और सही समय पर ईलाज आरंभ हो जाने से दिव्यांगता से भी बचा जा सकता है. राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन झारखंड के अभियान निदेशक शशि प्रकाश झा ने कुष्ठ उन्मूलन कार्यक्रम को लेकर गुरूवार को मीडिया कर्मियों के लिए आयोजित राज्यस्तरीय उन्मुखीकरण कार्यक्रम में कही. उन्होंने कहा कि कुष्ठ रोगियों को छूने या उनके साथ रहने से यह बीमारी नहीं फैलती है. उन्होंने बताया कि राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की पुण्यतिथि के अवसर पर 30 जनवरी से राज्य भर में स्पर्श कुष्ठ जागरूकता पखवाड़ा कार्यक्रम आयोजित किया जायेगा.
13 फरवरी तक चलने वाले इस कार्यक्रम के दौरान गांव-गांव में व्यापक जागरूकता अभियान के माध्यम से आमजनों को कुष्ठ की रोकथाम और भ्रांतियों के बारे में बताया जाएगा. उन्होंने बताया कि इस बर्ष का थीम भेदभाव का अंत और आत्मसम्मान को सुनिश्चित करना है. उन्होंने बताया कि कुष्ठ रोग खोज अभियान का द्वितीय चरण 9 मार्च से 23 मार्च तक चलेगा. पिछले बर्ष के अप्रैल महीने तक राज्यभर में 5267 कुष्ठ के नए मरीज मिले हैं. जबकि राज्यभर में 6587 कुष्ठ रोगियों का इलाज चल रहा है. अभियान निदेशक ने कहा कि कुष्ठ रोग का संपूर्ण इलाज, जांच एवं दवा राज्य के सभी सरकारी अस्पतालों में निःशुल्क उपलब्ध है.
