
उदित वाणी, खूंटी : झारखंड के खूंटी जिले में आदिवासी नेता और पड़हा राजा सोम मुंडा की बुधवार देर शाम अपराधियों ने गोली मारकर हत्या कर दी. इस वारदात को लेकर पूरे इलाके में तनाव और आक्रोश का माहौल है. इस जघन्य हत्याकांड के विरोध में गुरुवार को आदिवासी संगठनों के आह्वान पर खूंटी जिला बंद रखा गया, जिसका व्यापक असर देखने को मिला.
गुरुवार सुबह से ही आक्रोशित ग्रामीण और समर्थक सड़क पर उतर आए और जिले के विभिन्न चौक-चौराहों पर जाम कर दिया. बाजार, दुकानें और शैक्षणिक संस्थान पूरी तरह बंद रहे, जबकि सार्वजनिक परिवहन भी ठप हो गया, जिससे आम जनजीवन बुरी तरह प्रभावित हुआ. बंद के दौरान प्रदर्शनकारियों ने टायर जलाकर और सड़कों पर धरना देकर मुख्य मार्गों को अवरुद्ध कर दिया.
आदिवासी संगठनों और ग्रामीणों ने सोम मुंडा की हत्या में शामिल सभी आरोपियों की अविलंब गिरफ्तारी और पीड़ित परिवार को त्वरित न्याय दिलाने की मांग को लेकर नारेबाजी की. कई स्थानों पर स्थिति को देखते हुए पुलिस और प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारी तैनात रहे और प्रदर्शनकारियों को शांत कराने का प्रयास करते रहे.
बता दें कि बुधवार देर शाम खूंटी थाना क्षेत्र के जमुआदाग के समीप अज्ञात अपराधियों ने सोम मुंडा की गोली मारकर हत्या कर दी थी. वे अपनी पत्नी के साथ बाइक से खूंटी से अपने गांव चलांगी लौट रहे थे. इसी दौरान जमुआदाग स्थित तालाब के पास पीछे से एक बाइक पर सवार दो अपराधी आए और ओवरटेक कर ताबड़तोड़ गोलियां चला दीं. दो राउंड फायरिंग में एक गोली सोम मुंडा के सीने में जा लगी. गोली लगने के बाद उन्होंने बाइक रोककर खूंटी की ओर जाने की कोशिश की, लेकिन रास्ते में ही उनकी हालत बिगड़ गई और वे गिर पड़े. इसके बाद हमलावर मंदरूटोली की ओर फरार हो गए.
सोम मुंडा की पत्नी ने पुलिस को बताया कि घटना के बाद कुछ देर में वहां से गुजर रहे एक ट्रैक्टर की मदद से वे कुछ दूरी तक गईं, फिर ऑटो से खूंटी थाना पहुंचकर पुलिस को सूचना दी. सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और सोम मुंडा को अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया.
डीएसपी वरुण रजक ने हत्याकांड की पुष्टि करते हुए बताया कि मामले की गंभीरता को देखते हुए विशेष जांच टीम गठित की गई है. अपराधियों की पहचान और गिरफ्तारी के लिए संभावित ठिकानों पर छापेमारी शुरू कर दी गई है. उन्होंने लोगों से शांति बनाए रखने की अपील करते हुए कहा कि पुलिस सभी पहलुओं से मामले की जांच कर रही है और जल्द ही दोषियों को गिरफ्तार किया जाएगा.
गौरतलब है कि सोम मुंडा स्थानीय आदिवासी समाज में एक प्रभावशाली नेता थे और आदिवासी परंपराओं के तहत पड़हा राजा के रूप में व्यापक रूप से पहचाने जाते थे. वे झारखंड पार्टी के जुझारू नेता, शिक्षाविद और आदिवासी समन्वय समिति, खूंटी जिला के संयोजक भी थे. उनकी हत्या को लेकर आदिवासी समन्वय समिति ने इसे सामाजिक और राजनीतिक साजिश करार दिया है. फिलहाल जिले में एहतियातन अतिरिक्त पुलिस बल की तैनाती की गई है. स्थिति पर प्रशासन की नजर बनी हुई है और आगे की जांच जारी है.
(आईएएनएस)

