
उदित वाणी, नई दिल्ली : झारखंड ने व्यापार सुगमता (Ease of Doing Business) के क्षेत्र में उल्लेखनीय उपलब्धि हासिल की है. केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने ‘उद्योग संगम 2025’ के दौरान जारी बिजनेस रिफॉर्म्स एक्शन प्लान (BRAP) 2024 के परिणामों में झारखंड को चार सुधार क्षेत्रों में ‘टॉप अचीवर’ घोषित किया.
यह उपलब्धि झारखंड को देश के अग्रणी सुधारवादी राज्यों की श्रेणी में स्थापित करती है.
BRAP 2024 के तहत 25 सुधार मापदंडों में झारखंड ने 96.5% से अधिक अनुपालन दर्ज किया. श्रमिक सुविधाएं, भूमि आवंटन, पर्यावरण मंजूरी और उपयोगिता सेवाओं में पारदर्शी प्रक्रियाएं लागू करने से राज्य को यह सम्मान मिला.
उत्तराखंड और पंजाब (5 क्षेत्र) के बाद झारखंड, आंध्र प्रदेश, पश्चिम बंगाल और तेलंगाना समेत 11 राज्यों ने चार-चार क्षेत्रों में उत्कृष्ट प्रदर्शन किया.
मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने इस सफलता को झारखंड की रजत जयंती (15 नवंबर) के अवसर पर “राज्यवासियों के लिए विशेष उपहार” बताया. उन्होंने कहा —
सिंगल विंडो सिस्टम, जीआईएस-आधारित लैंड मैप और ऑनलाइन परमिट ने निवेशकों का विश्वास बढ़ाया है. नई लैंड अलॉटमेंट पॉलिसी के तहत फॉर्च्यून 500 कंपनियों को सीधी भूमि आवंटन की सुविधा मिल रही है.”
राज्य की खनिज-आधारित अर्थव्यवस्था, देश के 25% स्टील उत्पादन और कृषि मूल्य श्रृंखला को यह सुधार और मजबूती देगा.
उद्योग विभाग के अनुसार, इन सुधारों से 50,000 से अधिक रोजगार अवसर सृजित होने की संभावना है.
राज्य सरकार ने अगला लक्ष्य डिजिटल भुगतान, ई-निरीक्षण और नई स्टार्टअप नीति को और सशक्त बनाना तय किया है.

