
उदित वाणी, रांची : राज्य में नयी उत्पाद नीति के तहत सोमवार से अंग्रेजी शराब की बिक्री निजी दुकानों में शुरू हो गई. निजी हाथों से शराब की खुदरा बिक्री शुरू होते ही दुकानों पर पहले की तरह ही भीड़ शुरू हो गई है. हालांकि सभी दुकानें अभी नहीं खुली है. क्योंकि दुकानों में गोदाम से शराब की खेप पर्याप्त संख्या में नहीं पहुंची है. एक-दो दिनों में यह पूरी तरह व्यवस्थित हो जायेगी. यह स्थिति इस हफ्ते तक रहने की संभावना है. अगले हफ्ते से संशोधित एमआरपी वाली शराब की बोतलें उपलब्ध होने की संभावना है. जिसके बाद शराब की कीमतों में भी बड़ा बदलाव होगा. नई दरों पर बेचने के लिए दुकानदारों को एमआरपी का बोर्ड लगाना होगा. जहां देश में निर्मित अंग्रेजी शराब के कुछ पॉपुलर ब्रांड्स की कीमतों में बढ़ोतरी होगी.
वहीं विदेशों में निर्मित अंग्रेजी शराब सस्ती होगी. देश में निर्मित विदेशी शराब की कीमतों में 300 रुपये तक की बढ़ोतरी की गई है. जबकि विदेश में निर्मित विदेशी शराब 6000 रुपये तक सस्ती हो जायेगी. वहीं देसी शराब और बीयर 20 रुपये महंगी हुई है यानी जिन ब्रांड की शराब ज्यादा बिकती है. उसकी दरों में वृध्दि होगी. पुरानी एमआरपी पर नई एमआरपी का स्टीकर लगाने के लिए सेंट्रल लीगल मेट्रोलॉजी को पत्र लिखकर अनुमति मांगी गई है. अनुमति मिलने के साथ ही पुरानी प्रिंट पर नई स्टीकर लगाकर बेची जा सकती है. उदाहरण स्वरूप 100 पाइपर 12 ईयर्स की दरें 2800 से 2700 रूपये, चिवास रीगल 12 ब्लेंडेड 4500 से 3600 रूपये, चिवास रीगल 18 ब्लेंडेड 10900 से 7700 रूपये किया गया है. जबकि देश में निर्मित पॉपुलर ब्रांड की शराब ब्लेडर्स प्राइड 1050 से 1200 रूपये व 100 पाइपर 1950 से 2200 रूपये की गई है. वहीं गॉड फादर बीयर 180 से 200 रूपये की गई है.
लोग दूसरे राज्यों से खरीदते हैं विदेशी स्कॉच, इसलिए की गई सस्ती-मंत्री
उत्पाद एवं मद्य निषेध मंत्री योगेन्द्र प्रसाद ने विदेश में निर्मित अंग्रेजी शराब की कीमतों में कमी लाने को लेकर तर्क दिया कि विदेशों में निर्मित मंहगी शराब की कीमत अन्य राज्यों में झारखंड की अपेक्षा सस्ती है. इसके कारण इसके शौकीन विदेशों में निर्मित स्कॉच झारखंड के बजाय दूसरे राज्यों से मंगाते थे. वहीं देश में बनी विदेशी शराब महंगी होने के मामले में विभागीय मंत्री ने कहा कि इस मामले में बाद में समीक्षा कर फिर से दरों में पुनर्निर्धारण किया जायेगा.
अब रात 11 बजे तक खुली रहेंगी शराब की दुकानें
नई उत्पाद नीति के तहत अब रात के 11 बजे तक शराब की दुकानें खुलेंगी. पहले रात के 10 बजे तक ही शराब की खुदरा बिक्री की अनुमति थी. अब हर दिन शराब दुकानदारों को अपने स्टाक की स्थिति को अद्यतन करना होगा. स्टाक अद्यतन नहीं होने पर भी जुर्माने का प्रावधान है. इसके तहत पहली बार पकड़े जाने पर पांच हजार रुपये, दूसरी बार पकड़े जाने पर 10 हजार रुपये, तीसरी बार पकड़े जाने पर 15 हजार रुपये तक का जुर्माना लगाया जाएगा. निजी दुकानदारों के बीच शराब की बिक्री को लेकर आपसी प्रतिस्पर्धा भी बढ़ेगी. दुकान संचालक ग्राहकों के लिए उपहार योजना भी चला सकते हैं.
नई उत्पाद नीति के तहत शराब की खुदरा दुकानों पर रहेगी सख्त निगरानी
नई उत्पाद नीति के तहत शराब की खुदरा दुकानों पर सख्त निगरानी का प्रावधान है. कोई भी दुकानदार एमआरपी से अधिक कीमत पर शराब बेचते पकड़ा जाएगा तो संबंधित दुकान पर पहली बार 50 हजार रुपये का जुर्माना लगेगा. दूसरी बार पकड़े जाने पर 75 हजार व तीसरी बार पकड़े जाने पर एक लाख रुपये का जुर्माना लगेगा. इसके बावजूद शिकायत आने पर उक्त दुकान का लाइसेंस रद्य करने का प्रावधान है. राज्य में खुदरा शराब दुकानदारों को प्रति बोतल 12 प्रतिशत का मुनाफा मिल रहा है. दुकानदार एक ग्राहक को 200 पीस बियर बेच सकता है.
राज्य में लगभग 1300 खुदरा दुकानें 560 समूहों में की गई आवंटित
ज्ञात हो कि राज्य में लगभग 1300 खुदरा दुकानें 560 समूहों को आवंटित की गई है और जिन दुकानदारों की तैयारी पूरी हो गई है, वहां सोमवार से दुकानें खोल दी गई है. पश्चिम सिंहभूम, रामगढ़ व लोहरदगा को छोड़कर राज्य के 21 जिलों में शराब का डिपो तैयार हो चुका है और वहां तीन दिनों का अनुमानित स्टॉक है. जबकि तीन दिनों के भीतर 10 दिनों का कोटा भर दिया जायेगा. फिलहाल जिन जिलों में डिपों नहीं है, उनमें पश्चिम सिंहभूम जिले के दुकानदार सरायकेला-खरसवां, रामगढ़ के दुकानदार हजारीबाग और लोहरदगा जिले के दुकानदारों को रांची से शराब मिलेगी तथा जल्दी ही इन तीनों जिलों में भी डिपो खोल दिये जायेंगे.

