
उदित वाणी, रांची : राज्य सरकार के खान एवं भूतत्व विभाग ने खनन पटटाधारियों से बकाया राशि की वसूली प्रक्रिया को सुदृढ़ करने के लिए एक नई अधिसूचना जारी की है. अधिसूचना के अनुसार बिहार एवं उड़ीसा लोक मांग वसूली अधिनियम 1914 के तहत विभागीय अधिकारियों को नीलाम पदाधिकारी के रूप में अधिकृत किया गया है. खान एवं भूतत्व विभाग के अपर निदेशक, उपनिदेशक और क्षेत्रीय अधिकारियों को उनके अधिकार क्षेत्र में नीलाम पदाधिकारी के रूप में कार्य करने का अधिकार प्रदान किया गया है.
यह व्यवस्था राज्यभर के सभी अंचलों में लागू होगी. अधिसूचना में मांगपत्रों या बकाया राशि की किस्तों और भुगतान सीमा को भी स्पष्ट रूप से निर्धारित किया गया है. एक करोड़ रुपये तक के बकाये पर 50 प्रतिशत राशि एक बर्ष में चुकाने होंगे. एक करोड़ से 10 करोड़ रुपये तक के बकाये के लिए 40 प्रतिशत राशि डेढ़ बर्ष में, 10 करोड़ से 100 करोड़ रुपये तक के बकाये के लिए 30 प्रतिशत राशि दो बर्षों में, 100 करोड़ रुपये से अधिक के मामलों में 25 प्रतिशत राशि तीन बर्ष में चुकाने की समय सीमा तय की गई है.
साथ ही विभाग ने यह भी स्पष्ट किया है कि यदि बकाया राशि की पहली किस्त निर्धारित समय में जमा नहीं की जाती है, तो एक सप्ताह की अवधि के बाद सुनवाई का अवसर देकर शेष राशि की वसूली नियमानुसार की जाएगी. यह निर्णय राज्य के खनन पट्टाधारकों से राजस्व वसूली को और अधिक पारदर्शीए त्वरित और प्रभावी बनाने की दिशा में उठाया गया है.

