
उदित वाणी, रांची : झारखंड हाईकोर्ट के चीफ जस्टिस तरलोक सिंह चौहान व जस्टिस राजेश शंकर की खंडपीठ में जेएसएससी-सीजीएल परीक्षा में कथित गड़बड़ियों और पेपरलीक की जांच सीबीआई से कराने का आग्रह करनेवाली जनहित याचिका पर गुरुवार को भी सुनवाई जारी रहेगी. वहीं खंडपीठ ने मामले में परीक्षा के मेरिट लिस्ट जारी करने पर रोक को बरकरार रखा है.
मामले में प्रकाश कुमार व अन्य की ओर से हाईकोर्ट में याचिका दाखिल की गई है. याचिकाकर्ता अभ्यर्थियों की ओर से वरीय अधिवक्ता अजीत कुमार ने लगभग दो घंटे से अधिक समय तक खंडपीठ के समक्ष याचिका के समर्थन में अपनी दलीलें पेश की. सुनवाई के दौरान प्रार्थी की ओर से खंडपीठ को बताया गया कि परीक्षा में पेपर लीक हुआ था और राज्य सरकार का इस मुद्दे पर रुख लगातार बदलता रहा है. जांच अधिकारी को भी बिना कोर्ट की अनुमति के बदल दिया गया.
यह गंभीर अनियमितता का मामला है. यह भी कहा गया है कि गेस पेपर के 50 फीसदी से अधिक प्रश्न परीक्षा में पूछे गए. जिससे पेपरलीक की आशंका मजबूत होती है. वहीं मामले में हस्तक्षेपकर्ता की ओर से वरीय अधिवक्ता बी मोहन ने बताया कि प्रश्नपत्र लीक का कोई ठोस प्रमाण नहीं है. और किसी अभ्यर्थी ने इस संबंध में शिकायत भी नहीं की है. उन्होंने कहा कि कोचिंग संस्थानों द्वारा अफवाह फैलाकर पेपर लीक का माहौल बनाया जा रहा है.
इधर राज्य सरकार और जेएसएससी की ओर से महाधिवक्ता राजीव रंजन, अधिवक्ता संजय पिपरवाल और प्रिंस कुमार उपस्थित हुए. महाधिवक्ता ने खंडपीठ से कहा कि सरकार की ओर से सभी बिंदुओं पर गुरूवार को जबाब पेश किया जाएगा. इसके बाद खंडपीठ ने मामले में अगली सुनवाई की तिथि 30 अक्टूबर तय कर दी.

