उदित वाणी, रांची : झारखंड हाईकोर्ट के जस्टिस सुजीत नारायण प्रसाद और जस्टिस ए के राय की खंडपीठ ने सहायक अभियंता नियुक्ति एवं प्रोन्नति नियमावली की मांग को लेकर दाखिल याचिका पर सुनवाई की. अदालत ने अब तक नियमावली तैयार नहीं किए जाने पर कड़ी नाराजगी जताई तथा मामले में अदालत ने पथ निर्माण और कार्मिक सचिव को अवमानना का नोटिस जारी किया. इसके साथ ही अदालत ने दोनों अधिकारियों के खिलाफ आरोप गठित करने पर 22 जनवरी को सुनवाई की तिथि भी निर्धारित कर दी.
अदालत ने कहा कि मामले में अदालत के पूर्व आदेश का अब तक पालन नहीं किया गया है और सरकार द्वारा बार-बार समय लिया जा रहा है. इसलिए यह अवमानना का मामला बनता है. वहीं सुनवाई के दौरान जेपीएससी की ओर से अदालत को बताया गया कि 18 दिसंबर को ही आयोग के पास सरकार ने सहायक अभियंता नियुक्ति और प्रोन्नति नियमावली भेजी है. नियमावली गठित करने में कई तरह की प्रक्रियायें करनी पड़ती है.
इसमें थोड़ा समय लगेगा. जेपीएससी की ओर से यह भी बताया गया कि सरकार द्वारा भेजे गए प्रारूप में कुछ त्रुटियां है उसको लेकर फिर से सरकार से स्पष्टीकरण मांगा गया है. जबकि खंडपीठ ने चार अक्टूबर को ही सरकार को सहायक अभियंता नियुक्ति और प्रोन्नति नियमावली को तीन सप्ताह में लागू करने का निर्देश दिया गया था. लेकिन सरकार ने इस पर गौर नहीं किया. सरकार ने यह भी बताया था कि सहायक अभियंता नियुक्ति नियमावली को संशोधित कर ड्राफ्ट जेपीएससी को मंतव्य के लिए भेजा गया है.


