
उदित वाणी, रांची : कांग्रेस के झारखंड प्रभारी के राजू ने नवनियुक्त कांग्रेस जिला अध्यक्षो की नियुक्ति संबंधी विवादो पर विक्षुब्धों को बड़ा झटका दिया. उन्होंने स्पष्ट किया कि नवनियुक्त जिला अध्यक्षों के कामकाज की मॉनिटरिंग अगले तीन माह तक की जायेगी. इस दौरान कई जिला अध्यक्षों के खिलाफ मिली शिकायतों की भी समीक्षा की जायेगी. शिकायतों को आलाकमान के समक्ष भी रखा जायेगा. इसके बाद आगे निर्णय लिया जायेगा.
वहीं उन्होंने विक्षुब्धों को लक्ष्मण रेखा नहीं पार करने की चेतावनी भी दी है. उन्होंने साफ तौर पर कहा कि अनुशासनहीनता कतई बर्दाश्त नहीं की जायेगी. राज्य में एक नर्ह प्रक्रिया के तहत जिला अध्यक्षो की नियुक्ति की गई है. नियुक्ति प्रक्रिया में एआईसीसी के पर्यवेक्षकों ने जमीन स्तर पर संवाद करके रिर्पोट दी है. इसके अलावा प्रदेश के वरिष्ठ कांग्रेस नेताओं के साथ भी विमर्श करने के बाद ही जिला अध्यक्षों की नियुक्ति की गई है. इस तरह की प्रक्रिया के तहत जिला अध्यक्षों का चयन करनेवाला झारखंड पांचवां राज्य है.
वहीं प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष केशव महतो कमलेश ने कहा कि पार्टी आलाकमान द्वारा नवनियुक्त कांग्रेस जिला अध्यक्ष ही फिलवक्त काम करते रहेंगे. उन्होंने कहा कि पार्टी के प्रभारी के राजू ने भी साफ किया है कि नवनियुक्त जिला अध्यक्षों का विरोध कर रहे विक्षुब्धों द्वारा लक्ष्मण रेखा का उल्लंघन करने पर उनके खिलाफ कार्रवाई की जायेगी. उन्होंने कहा कि नवनियुक्त जिला अध्यक्षों के कामकाज की निगरानी कम से कम तीन महीने तक की जायेगी.
इसके बाद ही आगे किसी तरह का निर्णय लिया जायेगा. वहीं उन्होंने कहा कि राज्य में जिन पूर्व जिला अध्यक्षों ने बेहतर काम किया है. उन्हें प्रदेश कमिटी में जगह दी जायेगी. गौरतलब है कि पूर्वी सिंहभूम, खूंटी, हजारीबाग, धनबाद इत्यादि जिलों में पार्टी के नवनियुक्त अध्यक्षों का जोरदार विरोध किया जा रहा है. लेकिन साफ किया गया कि फिलवक्त उन्हें नहीं हटाया जायेगा. जिला अध्यक्षों को प्रदेश कमिटी की ओर से अगले तीन महीने का टास्क भी दिया गया है.

