
उदित वाणी, रांची : राज्य के मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी [सीईओ] के रवि कुमार ने सभी मान्यता प्राप्त राजनीतिक दलों से बूथ लेवल एजेंट [बीएलए] की नियुक्ति में तेजी लाने का आग्रह किया है. उन्होंने राजनीतिक दलों को एक पत्र जारी करके चिंता जताते हुए कहा कि बूथ लेबल एजेंट की नियुक्ति का काम बहुत धीमा चल रहा है.
उन्होंने बताया कि जबकि मतदाता सूची के गहन पुनरीक्षण [एसआईआर] कार्यक्रम को और अधिक पारदर्शी बनाने के लिए बीएलए की नियुक्ति बेहद जरूरी है. उन्होंने बताया कि भारत निर्वाचन आयोग द्वारा मतदाता सूची के गहन पुनरीक्षण कार्यक्रम के तैयारियों एवं इसकी प्रक्रिया में पारदर्शिता तथा विश्वसनीयता को और अधिक बढ़ाने के लिए मान्यता प्राप्त राजनीतिक दलों को बीएलए नियुक्त करने की सुविधा प्रदान की गई है.
जिससे किसी प्रकार की विसंगति को संज्ञान में लाया जा सके एवं राजनीतिक दलों की सक्रिय सहभागिता हो सके. सीईओ द्वारा सभी मान्यता प्राप्त राजनीतिक दलों से पूर्व में भी विभागीय पत्रों के माध्यम से एवं विभाग में आयोजित बैठक में बूथ लेवल एजेंट की नियुक्ति करने का आग्रह किया गया था. परन्तु अभी तक अधिकांश राजनीतिक दलों की बीएलए की नियुक्ति किये जाने प्रक्रिया काफी धीमी है.
उन्होंने सभी मान्यता प्राप्त राजनीतिक दलों से अनुरोध किया कि आगामी पुनरीक्षण कार्यक्रम को लेकर सभी मतदान केन्द्रों के लिए बूथ लेवल एजेंट की नियुक्ति को प्राथमिकता के आधार पर करते हुए इसकी सूची संबंधित निर्वाचक निबंधन पदाधिकारी व जिला निर्वाचन पदाधिकारी के कार्यालय में उपलब्ध करा दें. सीईओ कार्यालय के रिपोर्ट के अनुसार 14 अक्टूबर तक राज्य में केवल 2403 बीएलए की ही नियुक्ति की गई है.
जिसमें सबसे ज्यादा नियुक्ति बीजेपी ने 1560 के अलावा राजद 435, कांग्रेस 76 तथा झामुमो 332 बीएलए की नियुक्ति की गई है. जबकि बसपा, सीपीआइ और आजसू पार्टी ने अब तक एक भी बीएलए की सूची नहीं दी है. रिपोर्ट के अनुसार मात्र 6 जिलों में ही बीएलए की नियुक्ति सूची प्राप्त हुआ है. अन्य 18 जिलों में एक भी बीएलए की नियुक्ति किसी भी मान्यता प्राप्त राजनीतिक दल द्वारा कोई सूची नहीं भेजी गई है.

