उदित वाणी, रांची: मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की अध्यक्षता में मंत्रिपरिषद की बैठक आयोजित की गई, जिसमें राज्य के विकास और प्रशासनिक सुधार के लिए कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए.
न्याय और प्रशासन में सुधार
विशेष न्यायालय की स्थापना: नारकोटिक ड्रग्स एंड साइकोट्रोपिक सब्सटेंस एक्ट, 1985 के तहत मामलों के त्वरित निपटारे हेतु चतरा में जिला न्यायाधीश स्तर के एक विशेष न्यायालय की स्वीकृति दी गई.
वेतन विवाद निपटारा: गेब्रियल किड़ो को कार्यकाल के वेतन अंतर का भुगतान स्वीकृत किया गया.
विभागीय अनुशासन मामलों में राहत: कुमकुम प्रसाद और अन्य कर्मियों के खिलाफ लगाई गई सजा को विलोपित करने का निर्णय लिया गया.
स्वास्थ्य और शिक्षा के क्षेत्र में नए कदम
नए पद सृजन की स्वीकृति: राज्य के चिकित्सा महाविद्यालयों और अस्पतालों में वरीय प्रबंधक, आईटी एक्जीक्यूटिव जैसे पद सृजित किए गए.
राज्य कर्मी स्वास्थ्य बीमा योजना लागू: कर्मचारियों को स्वास्थ्य बीमा योजना का लाभ मिलेगा.
ज्ञानोदय योजना: 2024-25 से 2029-30 तक ₹94.5 करोड़ की लागत से मध्य विद्यालयों में कंप्यूटर शिक्षा और डिजिटाइजेशन पर कार्य होगा.
वित्तीय और प्रशासनिक सुधार
उच्च न्यायालय के आदेशानुसार स्वीकृतियां: नंद किशोर प्रसाद, प्रेम कुमार और अन्य याचिकाकर्ताओं को वित्तीय लाभ और सेवा नियमितीकरण की स्वीकृति प्रदान की गई.
द्वितीय अनुपूरक व्यय विवरणी: वित्तीय वर्ष 2024-25 के लिए अनुमोदन प्रदान किया गया.
सामाजिक कल्याण और अधिवक्ता हित
अधिवक्ता कल्याण योजना: राज्य के अधिवक्ताओं के लिए स्वास्थ्य बीमा, पेंशन और वृत्तिका भत्ता योजनाओं के लिए ₹12.1 करोड़ का बजट स्वीकृत किया गया.
नशा मुक्त झारखंड: सामाजिक सुधार योजनाओं को प्रोत्साहित किया गया.
अन्य प्रमुख निर्णय
दुमका हवाई अड्डे पर सेवा विस्तार: नियमित उड़ान सेवा हेतु भारतीय विमानपत्तन प्राधिकरण के साथ समझौता किया गया.
सीएनएस/एटीएम सेवाएं: विमानपत्तन सेवाओं के विस्तार हेतु वित्तीय नियमों में संशोधन किया गया.
झारखंड मंत्रिपरिषद के ये निर्णय राज्य के नागरिकों को बेहतर सुविधाएं देने और प्रशासनिक प्रक्रियाओं को सशक्त बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम हैं.
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