
उदित वाणी, जमशेदपुर : एक्सएलआरआई – जेवियर स्कूल ऑफ मैनेजमेंट में आगामी शनिवार, 18 अक्टूबर 2025 को 12वां डॉ. वर्गीज कुरियन स्मृति सतत विकास व्याख्यान (Sustainable Development Oration) आयोजित किया जाएगा. यह कार्यक्रम फादर अरूप सेंटर फॉर इकोलॉजी एंड सस्टेनेबिलिटी (FACES) की पहल है और इसका आयोजन टाटा ऑडिटोरियम, एक्सएलआरआई जमशेदपुर में होगा.
इस अवसर पर मुख्य वक्ता के रूप में डॉ. विनोद बी. माथुर, पूर्व अध्यक्ष राष्ट्रीय जैव विविधता प्राधिकरण (National Biodiversity Authority of India) एवं पूर्व निदेशक वाइल्डलाइफ इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया, मुख्य भाषण देंगे. वे “विकसित भारत के लिए पारिस्थितिक सुरक्षा” विषय पर अपने विचार प्रस्तुत करेंगे.
डॉ. माथुर भारतीय वन सेवा (1983 बैच) के अधिकारी रहे हैं और उन्होंने तीन दशकों से अधिक समय तक जैव विविधता संरक्षण और पर्यावरणीय शासन के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान दिया है. वाइल्डलाइफ इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया में डीन और निदेशक के रूप में कार्य करने के बाद उन्होंने राष्ट्रीय जैव विविधता प्राधिकरण के अध्यक्ष के रूप में तीन वर्ष तक सेवाएं दीं. उन्होंने ऑक्सफोर्ड विश्वविद्यालय, यूनाइटेड किंगडम से पीएचडी की उपाधि प्राप्त की है.
डॉ. माथुर आईयूसीएन–वर्ल्ड कमीशन ऑन प्रोटेक्टेड एरियाज (WCPA–साउथ एशिया) के क्षेत्रीय उपाध्यक्ष तथा संयुक्त राष्ट्र जैव विविधता एवं पारिस्थितिकी तंत्र सेवा मंच (UN-IPBES) के एशिया-प्रशांत क्षेत्र के उपाध्यक्ष रह चुके हैं. वे यूएन–सीबीडी ब्यूरो (2019–2022) और यूएन–आईपीबीईएस ब्यूरो (2019–2023) के सदस्य भी रहे हैं. वर्तमान में वे एशियन डेवलपमेंट बैंक के अंतरराष्ट्रीय जैव विविधता विशेषज्ञ के रूप में कार्यरत हैं और कोलोराडो स्टेट यूनिवर्सिटी (अमेरिका) से संबद्ध फैकल्टी सदस्य हैं.
कार्यक्रम की शुरुआत एक्सएलआरआई कॉयर द्वारा प्रार्थना गीत से होगी. इसके बाद दीप प्रज्वलन और FACES का परिचय फादर डोनाल्ड डी’सिल्वा एस.जे. द्वारा दिया जाएगा. डॉ. टाटा एल. रघु राम FACES की वार्षिक रिपोर्ट प्रस्तुत करेंगे, जबकि फादर एस. जॉर्ज एस.जे. मुख्य अतिथि का स्वागत और परिचय देंगे. मुख्य व्याख्यान के बाद छात्रों के साथ प्रश्नोत्तर सत्र होगा और अंत में डॉ. संजय पात्रो धन्यवाद ज्ञापन प्रस्तुत करेंगे.
डॉ. वर्गीज कुरियन स्मृति व्याख्यान श्रृंखला, एक्सएलआरआई की एक पहल है, जो श्वेत क्रांति के जनक डॉ. कुरियन की स्मृति में सतत विकास, सामाजिक न्याय और नैतिक प्रबंधन पर संवाद को प्रोत्साहित करती है.

