
उदित वाणी, जमशेदपुर : गैंगस्टर विक्रम शर्मा हत्याकांड में 16 दिन बीत जाने के बाद भी मुख्य शूटर और साजिशकर्ता पुलिस की गिरफ्त से बाहर हैं। गिरफ्तारी को लेकर उत्तराखंड एसटीएफ और देहरादून पुलिस की टीमों का जमशेदपुर में लगातार आना-जाना जारी है। स्थानीय पुलिस के साथ मिलकर बागबेड़ा, जुगसलाई और मानगो क्षेत्रों में कई बार दबिश दी जा चुकी है, लेकिन अब तक मुख्य आरोपित हाथ नहीं लगे हैं।
आपको बतादे की 13 फरवरी को देहरादून के सिल्वर मॉल स्थित जिम से निकलने के दौरान सीढ़ियों में विक्रम शर्मा की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। पुलिस जांच में सामने आया है कि यह वारदात सुनियोजित रणनीति के तहत अंजाम दी गई। शुरुआती जांच में यह तथ्य सामने आया कि विरोधी गुट पहले जमशेदपुर में ही विक्रम की हत्या करना चाहते थे, लेकिन यहां वह हमेशा समर्थकों से घिरा रहता था, जिससे शूटरों को मौका नहीं मिल पाया। इसके बाद ग्रेटर नोएडा में योजना बनाई गई, मगर वहां भी असफलता हाथ लगी।
अंततः साजिशकर्ताओं ने देहरादून को ‘सेफ जोन’ के रूप में चुना। बताया जा रहा है कि देहरादून में विक्रम एक कारोबारी के रूप में शांत जीवन बिता रहा था। वहां उसका कोई मजबूत नेटवर्क या सुरक्षा तंत्र नहीं था। वह बिना सुरक्षा के जिम आता-जाता था, जिसका फायदा उठाकर शूटरों ने वारदात को अंजाम दिया।
अब तक पुलिस जमशेदपुर के बागबेड़ा थाना क्षेत्र गाराबासा निवासी राजकुमार सिंह और ग्रेटर नोएडा से मोहित उर्फ अक्षत ठाकुर को गिरफ्तार कर चुकी है। हालांकि, मुख्य शूटर और अन्य साजिशकर्ता अब भी फरार हैं। पुलिस ने जमशेदपुर के बागबेड़ा निवासी अंकित वर्मा, आशुतोष सिंह, विशाल सिंह, आकाश कुमार प्रसाद, यशराज सिंह और मानगो ओलीडीह निवासी जितेंद्र कुमार साहू की तलाश तेज कर दी है। इन सभी पर 25-25 हजार रुपये का इनाम घोषित किया गया है।
घटनास्थल पर लगे सीसीटीवी कैमरों से सभी की पहचान की गई है। पुलिस के हाथ कुछ शूटरों के पहचान पत्र भी लगे हैं, जिससे गिरफ्तारी की उम्मीद और बढ़ गई है। फिलहाल पुलिस की टीमें संभावित ठिकानों पर लगातार छापेमारी कर रही हैं।

