
उदित वाणी, जमशेदपुर : सुंदरनगर थाना क्षेत्र के कुदादा के पास शनिवार देर शाम एक दर्दनाक सड़क हादसे में बाइक सवार दो किशोर छात्रों की मौके पर ही मौत हो गई। तेज रफ्तार ट्रक की टक्कर से हुई इस घटना के बाद ग्रामीणों में भारी आक्रोश फैल गया। गुस्साए लोगों ने ट्रक चालक को पकड़कर रस्सी से बांध दिया और शवों के साथ टाटा–हाता मुख्य सड़क को जाम कर दिया। इस वजह से पूरी रात और रविवार की सुबह तक करीब 17 घंटे तक यातायात पूरी तरह बाधित रहा।
घटना शनिवार शाम करीब सात बजे की बताई जा रही है। मृतकों की पहचान सुंदरनगर के हितकू पंचायत अंतर्गत केडो गांव निवासी 15 वर्षीय दुर्गा हेम्ब्रम और 16 वर्षीय मार्शल सोरेन के रूप में हुई है। दोनों सिदो-कान्हू स्कूल के छात्र थे और आपस में घनिष्ठ मित्र बताए जाते हैं। परिजनों के अनुसार दोनों शनिवार को परीक्षा देने के बाद कालियाबेडा के साप्ताहिक माल में कपड़े खरीदने गए थे। लौटने के दौरान कुदादा के पास तेज रफ्तार ट्रक ने उनकी बाइक को जोरदार टक्कर मार दी। टक्कर इतनी भीषण थी कि दोनों की मौके पर ही मौत हो गई।
हादसे के बाद आक्रोशित ग्रामीणों ने सड़क पर उतरकर विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया। भीड़ ने ट्रक चालक को पकड़कर बंधक बना लिया और शवों के साथ सड़क जाम कर दिया। इससे टाटा–हाता मार्ग पर लंबा जाम लग गया और वाहनों की कतार जुगसलाई तक पहुंच गई। पुलिस और प्रशासन के अधिकारियों ने मौके पर पहुंचकर ग्रामीणों को समझाने की कोशिश की, लेकिन लोग मुआवजे की मांग पर अड़े रहे।
रविवार को क्षेत्र की तीन मुखिया—पलटन मुर्मू, नीरद सरदार और कान्हू मुर्मू—ने पहल कर ग्रामीणों और प्रशासन के बीच मध्यस्थता कराई। ग्रामीण ट्रक मालिक को मौके पर बुलाने की मांग कर रहे थे। बाद में ट्रक मालिक के प्रतिनिधि मौके पर पहुंचे और बातचीत शुरू हुई। काफी देर तक चली वार्ता के बाद मृतकों के परिजनों को 1.20 लाख रुपये मुआवजा देने पर सहमति बनी। इसमें से 70 हजार रुपये तत्काल दिए गए, जबकि शेष 50 हजार रुपये 18 मार्च को देने का आश्वासन दिया गया।
समझौता होने के बाद करीब 17 घंटे बाद रविवार सुबह 11.20 बजे जाम समाप्त कराया गया। इसके बाद पुलिस ने दोनों शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया।
ग्रामीणों का आरोप है कि हादसे में शामिल ट्रक में केवल एक हेडलाइट जल रही थी और चालक लापरवाही से वाहन चला रहा था। बताया जा रहा है कि ट्रक खाद्यान्न खाली कर वापस लौट रहा था और उसका संचालन खाद्यान्न विभाग के तहत हो रहा था। ग्रामीणों का कहना है कि चालक की लापरवाही के कारण दो होनहार छात्रों की जान चली गई।

