
उदित वाणी, जमशेदपुर : टाटानगर रेलवे स्टेशन के वाशिंग लाइन में करंट की चपेट में आने से गंभीर रूप से झुलसे टेक्नीशियन आशीष माझी की मौत के बाद मंगलवार को स्टेशन परिसर रणक्षेत्र में बदल गया. मृतक के परिजनों, स्थानीय लोगों और समर्थकों ने शव के साथ टाटानगर स्टेशन पहुंचकर जोरदार प्रदर्शन किया और उचित मुआवजा तथा परिवार के एक सदस्य को नौकरी देने की मांग को लेकर हंगामा शुरू कर दिया.
वंदे भारत एक्सप्रेस की मरम्मत के दौरान हुआ था हादसा
जानकारी के अनुसार, यह दर्दनाक हादसा 30 मई को हुआ था, जब आशीष माझी वंदे भारत एक्सप्रेस ट्रेन की मरम्मत (Maintenance) कार्य में लगा हुआ था. इसी दौरान वह हाई वोल्टेज करंट की चपेट में आ गया. उसे तुरंत इलाज के लिए सदर अस्पताल ले जाया गया, जहां प्राथमिक उपचार के बाद गंभीर स्थिति को देखते हुए टाटा मेन हॉस्पिटल (TMH) रेफर कर दिया गया. टीएमएच के वेंटिलेटर पर करीब एक सप्ताह तक जिंदगी और मौत से जूझने के बाद शनिवार रात को आशीष ने दम तोड़ दिया.
परिवार का बड़ा बेटा था आशीष, सुरक्षा में लापरवाही का आरोप
मृतक आशीष माझी अविवाहित था और अपने पूरे परिवार का बड़ा बेटा था. उसकी असामयिक मौत से परिजनों पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है. परिजनों का सीधा आरोप है कि यह हादसा कार्यस्थल पर सुरक्षा व्यवस्था (Safety Measures) में भारी कमी और लापरवाही के कारण हुआ है. परिजनों ने रेलवे प्रशासन से घटना की उच्चस्तरीय जांच करने, उचित मुआवजा देने और परिवार के एक सदस्य को स्थायी रेलवे नौकरी देने की मांग की है.
शव के साथ पहुंचे प्रदर्शनकारी, पुलिस और आरपीएफ का लाठीचार्ज
मंगलवार को जब प्रदर्शनकारी शव को लेकर सीधे टाटानगर रेलवे स्टेशन परिसर पहुंचे, तो वहां की स्थिति बेहद तनावपूर्ण हो गई. बेकाबू भीड़ और हंगामे को नियंत्रित करने के लिए रेल पुलिस (GRP) और आरपीएफ (RPF) की भारी टीम को मौके पर तैनात किया गया. प्रदर्शन के दौरान प्रदर्शनकारियों और पुलिस बल के बीच तीखी कहासुनी और झड़प हुई, जिसके बाद पुलिस ने भीड़ को तितर-बितर करने के लिए लाठीचार्ज कर दिया. लाठीचार्ज के बाद स्टेशन परिसर में काफी देर तक अफरा-तफरी का माहौल बना रहा. फिलहाल पुलिस और रेलवे प्रशासन मामले को शांत कराने का प्रयास कर रहे हैं, जबकि परिजन अपनी मांगों पर डटे हुए हैं.

