
उदित वाणी, जमशेदपुर : टाटानगर रेलवे अस्पताल को आधुनिक और सुविधासंपन्न बनाने की दिशा में बड़ा कदम उठाया गया है। दक्षिण पूर्व रेलवे जोन ने अस्पताल के व्यापक कायाकल्प की योजना को मंजूरी दे दी है, जिसके तहत करीब 1 करोड़ 87 लाख रुपये से अधिक की राशि खर्च की जाएगी। इस योजना का उद्देश्य अस्पताल को कॉरपोरेट अस्पतालों की तर्ज पर विकसित करना है, ताकि रेलकर्मियों और उनके आश्रितों को बेहतर चिकित्सा सुविधाएं एक ही परिसर में उपलब्ध हो सकें।
खासमहल स्थित चक्रधरपुर मंडल के इस अनुमंडल रेलवे अस्पताल में टाटानगर, बादामपहाड़, आदित्यपुर और गम्हरिया क्षेत्र के लगभग 10 हजार रेलकर्मियों, उनके परिवारों और सेवानिवृत्त कर्मचारियों का इलाज होता है। लंबे समय से अस्पताल की स्थिति सुधारने की मांग उठती रही है। रेलवे कर्मचारी संगठनों और अस्पताल केयर कमेटी ने निरीक्षण के दौरान कई बार संसाधनों की कमी और आधारभूत ढांचे की कमजोरियों को उजागर किया था।
अब स्वीकृत योजना के तहत अस्पताल भवन, वार्ड, प्रतीक्षालय और अन्य जरूरी स्थानों का व्यापक सुधार किया जाएगा। अस्पताल में आधुनिक सुविधाएं जोड़ने के लिए डेंटल चेयर लगाने और मॉड्यूलर ऑपरेशन थिएटर बनाने की भी तैयारी है। इसके साथ ही जांच, ऑपरेशन और उपचार की सभी सेवाएं एक ही छत के नीचे उपलब्ध कराने पर जोर दिया जा रहा है।
इस विकास कार्य के पूरा होने के बाद मरीजों को इलाज के लिए अन्य अस्पतालों में रेफर करने की आवश्यकता काफी हद तक कम हो जाएगी। इससे न केवल समय की बचत होगी, बल्कि मरीजों को समय पर बेहतर इलाज भी मिल सकेगा। रेलवे अधिकारियों का कहना है कि अस्पताल का कायाकल्प चरणबद्ध तरीके से किया जाएगा, जिससे इलाज की गुणवत्ता में लगातार सुधार सुनिश्चित किया जा सके।
वहीं, कर्मचारी संघ ने इस योजना का स्वागत करते हुए कुछ अतिरिक्त जरूरतों की ओर भी ध्यान आकर्षित किया है। उनका कहना है कि अस्पताल में अत्याधुनिक जांच उपकरणों की संख्या बढ़ाई जानी चाहिए और विशेषज्ञ डॉक्टरों की नियुक्ति भी जरूरी है। इसके अलावा मरीजों की सुविधा के लिए हेल्पडेस्क, अटेंडर वेटिंग हॉल और बेहतर प्रबंधन व्यवस्था की भी आवश्यकता जताई गई है।
रेलवे अस्पताल के इस कायाकल्प से उम्मीद जताई जा रही है कि आने वाले समय में यह न केवल रेलकर्मियों बल्कि उनके परिवारों के लिए भी एक भरोसेमंद और उच्चस्तरीय स्वास्थ्य केंद्र के रूप में उभरेगा।

