
उदित वाणी, जमशेदपुर: सिदगोड़ा स्थित बालाजी मंदिर में 29वां वार्षिक ब्रह्मोत्सव 12 से 15 मार्च तक श्रद्धा और भक्ति के साथ आयोजित किया जाएगा. इस अवसर पर आंध्र प्रदेश के विशाखापट्टनम से नौ पुरोहित विशेष रूप से पहुंचेंगे, जो वैदिक विधि-विधान के अनुसार पूजा-अर्चना और विभिन्न धार्मिक अनुष्ठानों का संचालन करेंगे.
प्रथम दिन होंगे प्रारंभिक धार्मिक अनुष्ठान
12 मार्च को ब्रह्मोत्सव की शुरुआत शाम चार बजे श्रीवारी तिरुवीधि महोत्सव से होगी. इसके बाद शाम छह बजे विश्वक्सेन आराधना, भगवत पुण्याहवाचन, परिषद, पंचगव्य मंडलाराधन, रक्षासूत्र बंधन और दीक्षाराधन जैसे धार्मिक अनुष्ठान संपन्न कराए जाएंगे.
दूसरे दिन ध्वजारोहण और विशेष पूजा
13 मार्च को सुबह पांच बजे सुप्रभात सेवा, नित्य अर्चना और तीर्थ प्रसाद वितरण होगा. इसके बाद सुबह आठ बजे यज्ञशाला प्रवेश, अंकुरार्पण, वास्तु पूजा, कुंभ आराधना और अग्नि प्रतिष्ठा की जाएगी. सुबह 11:30 बजे ध्वजारोहण का आयोजन होगा. इस अवसर पर संतान प्राप्ति की कामना करने वाले दंपतियों को आचार्य द्वारा गरुड़ प्रसाद प्रदान किया जाएगा. शाम चार बजे श्री महालक्ष्मी सामूहिक कुमकुम अर्चना और शाम छह बजे 108 कमल पुष्पों से महालक्ष्मी मूल मंत्र हवन आयोजित होगा.
तीसरे दिन अभिषेक और विशेष हवन
14 मार्च को सुबह पांच बजे सुप्रभात सेवा और नित्य पूजा के बाद सुबह आठ बजे यज्ञशाला में विशेष हवन किया जाएगा. सुबह दस बजे 108 कलशों के साथ श्रीविग्रह का तिरुमंजनम (अभिषेक) होगा. शाम पांच बजे सुदर्शन नरसिंह हवन तथा शाम छह बजे कल्याण वेंकटेश्वर स्वामी के लिए उंजला सेवा आयोजित की जाएगी.
अंतिम दिन महापूर्णाहुति और कल्याण महोत्सव
15 मार्च को सुबह पांच बजे सुप्रभात सेवा और नित्य पूजा के बाद सुबह आठ बजे महापूर्णाहुति और ध्वजावरोहण होगा. इसके बाद सुबह दस बजे श्रीनिवास कल्याण महोत्सव आयोजित किया जाएगा. शाम चार बजे भू समेता कल्याण वेंकटेश्वर स्वामी का तिरुवीधि महोत्सव संपन्न होगा.
प्रेस वार्ता में मंदिर समिति के अध्यक्ष आर.एस.एन. राजू, कमला शर्मा, महासचिव आर. प्रभाकर राव, रवि किरण, रवि रामचंद्रन, मुकुंद राव, यशोदा सोनी, रानी और प्रमिला सहित अन्य सदस्य उपस्थित थे.

