
उदित वाणी, जमशेदपुर : अधीक्षक ग्रामीण के नेतृत्व में एसएसपी कार्यालय के सभागार में ग्रामीण क्षेत्र के सभी पुलिस उपाधीक्षक, पुलिस निरीक्षक एवं थाना प्रभारियों के साथ मासिक अपराध गोष्ठी का आयोजन किया गया. इस अवसर पर ग्रामीण क्षेत्रों में अपराध की स्थिति, लंबित मामलों की प्रगति तथा पुलिस कार्यप्रणाली की विस्तृत समीक्षा की गई.
बैठक में प्रस्तुत आंकड़ों के अनुसार जनवरी 2024 से दिसंबर 2024 की तुलना में जनवरी 2025 से दिसंबर 2025 की अवधि में दर्ज आपराधिक मामलों में लगभग 10 प्रतिशत की कमी दर्ज की गई है. पुलिस अधीक्षक ग्रामीण ने इसे नियमित समीक्षा, सतत निगरानी और प्रभावी कार्रवाई का सकारात्मक परिणाम बताया. उन्होंने कहा कि यह उपलब्धि टीम वर्क का नतीजा है और वर्ष 2026 में अपराध नियंत्रण को और अधिक मजबूत करने का लक्ष्य रखा गया है.
गोष्ठी में विगत लंबित कांडों, वारंट एवं कुर्की मामलों के शीघ्र निष्पादन पर विशेष जोर दिया गया. पासपोर्ट एवं चरित्र सत्यापन से संबंधित प्रकरणों को समयबद्ध तरीके से निपटाने का निर्देश दिया गया, ताकि आम नागरिकों को अनावश्यक विलंब का सामना न करना पड़े. फरार अभियुक्तों के विरुद्ध सघन अभियान चलाकर उनकी शीघ्र गिरफ्तारी सुनिश्चित करने पर भी बल दिया गया.
पुलिस अधीक्षक ग्रामीण ने अवैध मादक पदार्थों की खरीद-बिक्री पर कड़ी कार्रवाई करते हुए नियमित छापामारी अभियान चलाने, चोरी की घटनाओं पर प्रभावी नियंत्रण तथा संवेदनशील क्षेत्रों में गश्त बढ़ाने के निर्देश दिए. साथ ही सीसीटीएनएस, आईटीएसएसओ, आई-रैड, आईसीजेएस एवं जॉफ्स जैसे तकनीकी प्लेटफॉर्म के अधिकतम और प्रभावी उपयोग पर बल दिया गया, ताकि अनुसंधान, निगरानी और डेटा प्रबंधन प्रणाली और अधिक सशक्त बन सके.
उन्होंने स्पष्ट किया कि पारदर्शी कार्यशैली, तकनीक के समुचित उपयोग और त्वरित कार्रवाई से ही अपराध नियंत्रण संभव है. बैठक के अंत में सभी थाना प्रभारियों को अपने-अपने क्षेत्रों में अपराध नियंत्रण को सर्वोच्च प्राथमिकता देने, जनता से बेहतर समन्वय स्थापित करने और कानून-व्यवस्था को सुदृढ़ बनाए रखने का निर्देश दिया गया.

