
उदित वाणी, जमशेदपुर : पूर्वी सिंहभूम जिले में बीते दो दिनों से हो रही लगातार बारिश से जनजीवन अस्त-व्यस्त है. जिले की प्रमुख नदियाँ — स्वर्णरेखा और खरकई — अब खतरे के निशान को पार कर चुकी हैं. जलस्तर में तेजी से हो रही वृद्धि ने प्रशासन और आमजन दोनों की चिंता बढ़ा दी है. स्थिति की गंभीरता को भांपते हुए जिला प्रशासन सतर्कता की स्थिति में है. निचले इलाकों पर विशेष निगरानी रखी जा रही है. संभावित बाढ़ और जनहानि से बचाव हेतु जिला आपदा प्रबंधन टीम सक्रिय हो चुकी है.
जनता से अपील: नदी किनारे न जाएं
प्रशासन ने आम नागरिकों से अपील की है कि वे किसी भी स्थिति में नदियों के किनारे न जाएं. पानी के बढ़ते बहाव को देखते हुए सभी को ऊंचे और सुरक्षित स्थानों पर शरण लेने की सलाह दी गई है. विशेषकर बच्चों, वृद्धों और पशुधन की सुरक्षा को प्राथमिकता देने को कहा गया है.
नदियों का वर्तमान जलस्तर — खतरे के पार
स्वर्णरेखा नदी (मानगो पुल स्थल)
खतरे का स्तर: 121.50 मीटर
वर्तमान जलस्तर: 121.60 मीटर
खरकई नदी (आदित्यपुर पुल स्थल)
खतरे का स्तर: 129.00 मीटर
वर्तमान जलस्तर: 130.65 मीटर
खरकई नदी का जलस्तर अपने सामान्य खतरे के स्तर से डेढ़ मीटर से अधिक ऊपर पहुंच चुका है, जबकि स्वर्णरेखा भी चेतावनी के स्तर को पार कर गई है. प्रशासन ने चेतावनी जारी करते हुए कहा है कि बाढ़ जैसी संभावित आपदा से बचाव के लिए सभी आवश्यक इंतजाम किए जा रहे हैं. राहत एवं बचाव दलों को तैयार रखा गया है. किसी भी आपात स्थिति में प्रशासन से संपर्क करने की अपील की गई है.

