
उदित वाणी, जमशेदपुर: Sona Devi University के छात्रों के एक दल ने अपने दो फैकल्टी सदस्यों के नेतृत्व में जमशेदपुर में आयोजित एक दिवसीय कार्यशाला में भाग लेकर पर्यावरण संरक्षण से जुड़े विषयों पर अपने ज्ञान में वृद्धि की. छात्रों ने इस अवसर पर पर्यावरण संरक्षण की दिशा में स्वयं पहल करने और समाज को इसके लिए जागरूक करने का संकल्प भी लिया.
इस कार्यशाला में विश्वविद्यालय के बीएससी एग्रीकल्चर, स्कूल ऑफ फार्मेसी तथा बीटेक के विद्यार्थियों ने सक्रिय रूप से हिस्सा लिया.
हरित ऊर्जा और प्रौद्योगिकी पर हुई चर्चा
यह कार्यशाला 14 मार्च 2026 को DBMS College of Education, कदमा, जमशेदपुर द्वारा आयोजित की गई थी. कार्यक्रम का विषय “हरित ऊर्जा और हरित प्रौद्योगिकी: सतत विकास का भविष्य” रखा गया था.
कार्यशाला का मुख्य उद्देश्य छात्रों और शिक्षाविदों के बीच नवीकरणीय ऊर्जा, पर्यावरण-अनुकूल प्रौद्योगिकियों और सतत विकास के महत्व के प्रति जागरूकता बढ़ाना था.

विशेषज्ञों ने साझा किए अनुभव
कार्यशाला ने विशेषज्ञों, शिक्षकों और छात्रों को एक साझा मंच प्रदान किया, जहां उन्होंने पर्यावरण संरक्षण और सतत विकास को बढ़ावा देने के लिए अपने विचार और अनुभव साझा किए.
इस दौरान प्रतिभागियों ने इस बात पर जोर दिया कि भविष्य में पर्यावरण संतुलन बनाए रखने के लिए हरित ऊर्जा और पर्यावरण-अनुकूल तकनीकों को अपनाना बेहद जरूरी है.

