उदित वाणी, जमशेदपुर: झारखंड एकेडमिक काउंसिल की वार्षिक परीक्षा में पूर्वी सिंहभूम जिले का दबदबा रहा. शिक्षा में गुणात्मक सुधार का नतीजा रहा कि इस बार जिले के 97.31 फीसदी बच्चे उतीर्ण रहे.
बच्चों की उतीर्णता के कारण ही पूर्वी सिंहभूम जिले को राज्य में पांचवा स्थान प्राप्त हुआ है. जिले के सरकारी विद्यालयो में पढ़ने वाले बच्चों की शिक्षा में गुणात्मक सुधार के लिए डीसी विजया जाधव ने पहल की थी. इसके लिए पिछले 9-10 माह से ही तैयारी शुरू कर दी गई थी.
8 महीने तक 9वीं व 10वीं के बच्चों का मासिक परीक्षा लेना हो या लगातार 4 महीने तक ऑनलाइन क्लास करवाना, उपायुक्त की पहल पर बच्चों को परीक्षा की तैयारी के लिए हरसंभव वातावरण देने का प्रयास जिला प्रशासन द्वारा किया गया. इसका नतीजा यह रहा कि मैट्रिक की परीक्षा में इस बार पूर्वी सिंहभूम जिले के वद्यिार्थियों ने शानदार प्रदर्शन किया है.
जिले के 97.32 प्रतिशत वद्यिार्थी इस बार परीक्षा में सफल हुए हैं. इस लिहाज से पिछले दस वर्षों के मुकाबले इस साल पूर्वी सिंहभूम जिले का रिजल्ट सबसे बेहतर रहा. इस साल अपना जिला पूरे प्रदेश में बेहतर रिजल्ट के दृष्टिकोण से पांचवे स्थान पर रहा.
पिछले साल पूर्वी सिंहभूम 15वें स्थान पर था. एक साल के भीतर जिले के वद्यिार्थियों ने 10 पायदान ऊपर चढ़कर जिले का नाम रोशन किया है. जिले से इस बार 24237 वद्यिार्थियों ने मैट्रिक की परीक्षा दी थी. पिछले साल पूर्वी सिंहभूम के 94.85 प्रतिशत बच्चे मैट्रिक में उत्तीर्ण हुए थे.
इसके मुकाबले इस बार पास प्रतिशत में 2.47 प्रतिशत की वृद्धि हुई है, लेकिन इतनी ही उछाल से जिला 15वें पायदान से सीधे पांचवे पायदान पर पहुंच गया है.
पिछले कुछ वर्षों से जिला मैट्रिक के प्रदर्शन में प्रदेश के अन्य जिलों के मुकाबले लगातार पिछड़ता जा रहा है, लेकिन इस बार पूर्वी सिंहभूम जिले ने बेहतर रिजल्ट के मामले में कमबैक किया है. 2022 में जिले 15वें पायदान पर था, लेकिन इससे पहले वर्ष 2021 में पूरे प्रदेश में हमारे जिले के बच्चे छठे पायदान पर थे.
इससे पहले वर्ष 2019 में पूर्व सिंहभूम जिला पूरे प्रदेश में चौथे तो वर्ष 2018 में तीसरे स्थान पर था. पूर्वी सिंहभूम जिले का प्रदर्शन फिर से सुधरने से जिला शक्षिा विभाग ने राहत की सांस ली है.
पूरे विभाग पर परीक्षा से पहले तक रिजल्ट को बेहतर करने का दबाव था. खुद जिले की उपायुक्त विजया जाधव मैट्रिक के वद्यिार्थियों का रिजल्ट सुधारने के लिए उनके रेमिडियल क्लास को लेकर शक्षिकों को जम्मिेदारी सौंप दी थी और सभी स्कूलों को बच्चों को परीक्षा के लिए तैयार करने हेतु कई चरण में टेस्ट आयोजित कराया था. इस टेस्ट का परिणाम अब मैट्रिक के रिजल्ट में दिख रहा है.
मासिक मूल्यांकन परीक्षा कारगर साबित हुआ
शिक्षकों की कमी को दूर करने के लिए जिले के सबसे बेहतर शिक्षकों के माध्यम से लगातार ऑनलाइन क्लास का आयोजन किया गया. प्रत्येक महीने जिला स्तर पर उपायुक्त द्वारा मासिक मूल्यांकन परीक्षा की समीक्षा की गई.
सभी विद्यालयों के हेडमास्टर के साथ ऑनलाइन समीक्षा बैठक की गई, परीक्षा की तैयारी को लेकर आवश्यक मार्गदर्शन किया गया. परीक्षा में बैठने वाले बच्चों को मॉडल टेस्ट पेपर आंसर कॉपी के साथ उपलब्ध कराया गया. साथ ही यू-ट्यूब के माध्यम से भी मॉडल टेस्ट पेपर अपलोड कर तैयारी कराई गई.
इसका सुखद परिणाम यह रहा कि पिछले वर्ष 94 फीसदी बच्चों के उत्तीर्ण होने की तुलना में इस वर्ष 10वीं की बोर्ड परीक्षा में 97.31 फीसदी बच्चों ने उत्तीर्ण किया.
आज सम्मानित होंगे जिले के टॉपर
जैक बोर्ड की परीक्षा में टॉप करने वाले छात्रों को उपायुक्त विजया जाधव 24 मई को सम्मानित करेंगी. खासकर राज्य में जिले का मान बढ़ाने वाले छात्रों को सम्मान समारोह में विशेष तौर पर बुलाया गया है.
जिसमें स्टेट टॉपर श्रेया सोनगिरी शामिल हैं. श्रेया सोनगिरी को कुल 490 अंक प्राप्त हुए हैं. वह आदिवासी उच्च विद्यालय, पुरनापानी, चाकुलिया की छात्रा है. वहीं राज्य में आठवां स्थान प्राप्त करने वाले कुणाल पाल को 486 अंक प्राप्त हुए है. कुणाल पाल भी आदिवासी उच्च विद्यालय, पुरनापानी, चाकुलिया का छात्र है. जबकि सरस्वती शिशु विद्या मंदिर, जमशेदपुर की छात्रा सोनल कुमारी को 500 में 485 अंक प्राप्त हुए हैं.
जैक बोर्ड की स्टेट टॉपर श्रेया सोनगिरी को डीसी ने दी बधाई
झारखंड एकेडमिक काउंसिल (जैक) 10वीं की स्टेट टॉपर पूर्वी सिंहभूम की छात्रा श्रेया सोनगिरी को उपायुक्त विजया जाधव ने ट्वीट कर बधाई दी. चाकुलिया प्रखंड के आदिवासी विद्यालय, पुरनापानी की छात्रा श्रेया को जैक की परीक्षा में 98% अंक प्राप्त हुए हैं.
अपने शुभकामना संदेश में उपायुक्त ने कहा कि श्रेया सोनगिरी की उपलब्धि से पूरा जिला गौरवांवित हुआ है. उन्होंने अपने एवं समस्त जिला प्रशासन की ओर से श्रेया सोनगिरी के उज्जवल भविष्य की कामना की. साथ ही सभी अभिभावकों एवं शिक्षकों को हार्दिक बधाई दी.
मैट्रिक: जिले का वर्षवार प्रदर्शन
वर्ष पास प्रतिशत
2023: 97.32
2022: 94.85
2021: 96.30
2020: 78.73
2019: 77.26
2018: 67.08
2017: 73.04
2016: 69.40
2015: 72.81
2014: 73.81
2013: 73.36


