
उदित वाणी, जमशेदपुर : राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मू ने जमशेदपुर स्थित मणिपाल टाटा मेडिकल कॉलेज (एमटीएमसी) का दौरा किया. मणिपाल एकेडमी ऑफ हायर एजुकेशन (एमएएचई) की इस प्रमुख इकाई को राष्ट्रपति की मेजबानी का सौभाग्य प्राप्त हुआ. यह दौरा चिकित्सा शिक्षा और स्वास्थ्य सेवाओं के बुनियादी ढांचे को मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है. स्वागत समारोह में झारखंड के माननीय राज्यपाल संतोष कुमार गंगवार, स्वास्थ्य, चिकित्सा शिक्षा एवं परिवार कल्याण मंत्री इरफान अंसारी, एमएएचई के कुलपति लेफ्टिनेंट जनरल (डॉ.) एम.डी. वेंकटेश (वीएसएम, सेवानिवृत्त), मणिपाल एजुकेशन एंड मेडिकल ग्रुप के समूह अध्यक्ष सोमनाथ दास और टाटा स्टील लिमिटेड के उपाध्यक्ष (कॉर्पोरेट सर्विसेज) डीबी सुंदर रामम शामिल हुए.
2019 में हुई शुरूआत
टीएमए पाई हॉल में आयोजित स्वागत समारोह में कुलपति डॉ. वेंकटेश ने अपने संबोधन में 2019 में भारत सरकार की महत्वपूर्ण नीतिगत पहल का जिक्र किया, जिसके तहत मणिपाल टाटा मेडिकल कॉलेज की स्थापना निजी-निजी कंसोर्टियम मॉडल पर हुई. टाटा स्टील ने अपना टाटा मेन हॉस्पिटल शिक्षण अस्पताल के रूप में उपलब्ध कराया. कॉलेज का पहला एमबीबीएस बैच 2020-21 सत्र से शुरू हुआ, जो मार्च 2026 में पास आउट होने वाला है.कुलपति ने एमएएचई की विरासत का उल्लेख करते हुए डॉ. रामदास एम. पई (चांसलर) और डॉ. रंजन पई (ट्रस्ट अध्यक्ष) की भूमिका की सराहना की. उन्होंने 1953 में भारत के पहले निजी मेडिकल कॉलेज की स्थापना से मणिपाल की चिकित्सा शिक्षा में योगदान पर प्रकाश डाला. राष्ट्रपति को एमएएचई परिवार की ओर से धन्यवाद देते हुए उन्होंने उनके बहुमूल्य समय के लिए आभार व्यक्त किया.
पूर्णिमा की प्रेरक कहानी
छात्रों से संवाद के दौरान द्वितीय वर्ष की छात्रा पूर्णिमा हेम्ब्रम ने अपनी प्रेरणादायक कहानी साझा की. शादीशुदा होने, तीन बच्चों की मां होने और परिवार का समर्थन करने के बावजूद उन्होंने पढ़ाई पूरी करने का दृढ़ संकल्प जताया. झारखंड के एक ग्रामीण इलाके से आने वाली पूर्णिमा ने बताया कि उनके माता-पिता और परिवार ने उन्हें डॉक्टर बनने और दलित समुदाय की ग्रामीण स्वास्थ्य देखभाल में योगदान देने के लिए लगातार प्रोत्साहित किया.
घर जैसा लगा-राष्ट्रपति
राष्ट्रपति ने सभी छात्रों की सराहना की और विशेष रूप से पूर्णिमा के संकल्प को रेखांकित करते हुए एमटीएमसी के पूरे छात्र समुदाय से इसे आदर्श बनाने की अपील की. उन्होंने मणिपाल समूह की विरासत की प्रशंसा की, जिसके कारण एमटीएमसी ने मात्र छह वर्षों में इस क्षेत्र में मजबूत पहचान बनाई है. राष्ट्रपति ने कहा कि कॉलेज परिसर में रहते हुए उन्हें घर जैसा महसूस हुआ.

