
उदित वाणी, जमशेदपुर : प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) सहित अन्य सरकारी आवास योजना के क्रियान्वयन से संबंधित कर्मचारी सांकेतिक हड़ताल पर हैं. वे करीब 10 वर्षों से अपने मानदेय में वृद्धि नहीं किए जाने के खिलाफ आंदोलनरत हैं. आंदोलन में पूर्वी सिंहभूम जिले के भी 23 कर्मचारी शामिल हैं.
उनका कहना है कि अबुआ आवास योजना के कारण ही वर्तमान राज्य सरकार सत्ता में दोबारा लौटी. लेकिन उसके क्रियान्वयन में दिन रात एक कर काम करने वाले कर्मचारी की स्थिति मनरेगा मजदूरों से भी दयनीय है. उनका कहना है कि प्रखंडों में तैनात लेखा व कंप्यूटर ऑपरेटर को बीते 10 वषर्षों से मात्र 10,000 रुपए मिलते हैं और उसमें से भी 1000 हर माह टीडीएस कट जाता है.
इस वजह से उनके हाथ मात्र 9000 आते हैं. इतने कम पैसों में भरण पोषण मुश्किल हो रहा है. उन्होंने चेतावनी दी है कि अगर सरकार उनकी मांगों पर सहानुभूति पूर्वक विचार कर मानदेय बढ़ाने और अन्य सेवा शर्तों को बेहतर नहीं बनाती है, तो संघ आगे बेमियादी हड़ताल पर जा सकता है.

