उदित वाणी, जमशेदपुर: बागबेडा महानगर विकास समिति के अध्यक्ष सुबोध झा के नेतृत्व में लोगों ने उपायुक्त कार्यालय के बाहर प्रदर्शन किया. बस्तीवासियों ने बागबेड़ा किताडीह, घाघीडीह, क्षेत्र में टैंकरों से पानी उपलब्ध कराने , एवं बागबेड़ा ग्रामीण जलापूर्ति योजना एवं बागबेड़ा हाउसिंग कॉलोनी जलापूर्ति योजना के फिल्टर प्लांट निर्माण कार्य को अभिलंब पूरा कराने के लिए प्रदर्शन के माध्यम से उपायुक्त को मांग पत्र भी सौंपा.
बागबेड़ा क्षेत्र में वर्षों से जल संकट गंभीर समस्या बना हुआ है. बागबेड़ा महानगर विकास समिति के अध्यक्ष सुबोध झा के नेतृत्व में वर्ष 2005 से बागबेड़ा हाउसिंग कॉलोनी जलापूर्ति योजना और बागबेड़ा ग्रामीण जलापूर्ति योजना को धरातल पर उतारने के लिए बड़े स्तर पर जन आंदोलन किए गए. लेकिन अब तक कोई ठोस समाधान नहीं निकल पाया है.
15 वर्षों का संघर्ष: धरना, भूख हड़ताल और पदयात्राएँ
• अब तक 693 बार धरना प्रदर्शन, भूख हड़ताल, रेलवे का पंप हाउस बंद, 6 बार विधानसभा घेराव, 2 बार राजभवन घेराव और जमशेदपुर से रांची तथा दिल्ली तक पदयात्राएँ की जा चुकी हैं.
• 25 मार्च 2022 को सांसद विद्युत वरण महतो ने इस मुद्दे को लोकसभा में उठाया.
• झारखंड हाईकोर्ट में जनहित याचिका दायर की गई, जिसके बाद सरकार ने फंड आवंटित किया.
कोर्ट के आदेश के बाद भी अधूरी योजनाएँ
• अदालत के आदेश पर जल जीवन मिशन के तहत 7 अप्रैल 2023 से निर्माण कार्य शुरू हुआ.
• योजना को 15 महीने में पूरा कर 26 जुलाई 2024 से जल आपूर्ति शुरू करने का वादा किया गया.
• 50 करोड़ 58 लाख रुपये बागबेड़ा ग्रामीण जलापूर्ति योजना और 1 करोड़ 88 लाख रुपये हाउसिंग कॉलोनी फिल्टर प्लांट के लिए आवंटित हुए.
• फिर भी, योजना अधर में लटकी हुई है, और कोर्ट के आदेश का पालन नहीं हुआ.
गहराता जल संकट: जनता त्रस्त
• भीषण गर्मी के कारण बागबेड़ा, किताडीह, घाघीडीह में पानी की विकराल समस्या खड़ी हो गई है.
• 500 से 700 फीट नीचे चला गया जलस्तर, सरकारी बोरिंग फेल हो चुके हैं.
• अवैध कनेक्शनों के कारण बागबेड़ा हाउसिंग कॉलोनी की जनता को गंदा पानी भी नहीं मिल पा रहा.
• मजबूरन लोग 25-30 रुपये में पानी की बोतल खरीद कर पी रहे हैं.
जल आपूर्ति के लिए टैंकरों की माँग
• बागबेड़ा महानगर विकास समिति ने जिला प्रशासन से मांग की है कि 30 टैंकरों से प्रतिदिन जल आपूर्ति सुनिश्चित की जाए.
• टाटा स्टील अर्बन सर्विसेस, जुस्को, तारापुर कंपनी, यूसीएल कंपनी और अन्य सामाजिक संगठनों की मदद से जल संकट का समाधान निकाला जाए.
• 21 पंचायतों के 113 गाँव और रेलवे क्षेत्र की 33 बस्तियों में जलापूर्ति सुनिश्चित करने की मांग की गई है.
आपदा प्रबंधन फंड से तत्काल राहत की अपील
जब तक जलापूर्ति योजना पूरी नहीं होती, आपदा प्रबंधन फंड से टैंकरों के माध्यम से पानी उपलब्ध कराने का अनुरोध किया गया है. प्रशासन से माँग की गई है कि हाईकोर्ट के आदेशों का पालन कर दोषियों पर कार्रवाई की जाए और जनता को राहत दी जाए.
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