
उदित वाणी, जमशेदपुर : National Rifle Association of India (NRAI) की ओर से जमशेदपुर के Hotel Alcor में सात दिवसीय NRAI राष्ट्रीय कोचेज़ कोर्स की शुरुआत की गई. झारखंड राज्य के गठन के बाद पहली बार इस तरह का राष्ट्रीय स्तर का कोच प्रशिक्षण कार्यक्रम यहां आयोजित किया जा रहा है.
5 राज्यों के 33 कोच ले रहे भाग
इस प्रशिक्षण कार्यक्रम में झारखंड, बिहार, पश्चिम बंगाल, ओडिशा और छत्तीसगढ़ के कुल 33 कोच भाग ले रहे हैं. कोर्स का उद्देश्य राइफल और पिस्टल शूटिंग में कोचिंग के स्तर को मजबूत करना और जमीनी स्तर पर प्रशिक्षित कोच तैयार करना है.
तकनीकी और स्पोर्ट्स साइंस का मिलेगा प्रशिक्षण
कार्यक्रम के दौरान प्रतिभागियों को NRAI के अनुभवी फैकल्टी सदस्यों द्वारा प्रशिक्षण दिया जाएगा. कोर्स में तकनीकी शूटिंग कौशल, स्पोर्ट्स साइंस, कोचिंग विधियां और संचार तकनीकों जैसे विषय शामिल हैं. इसका लक्ष्य ऐसे कोच तैयार करना है जो युवा खिलाड़ियों का सही मार्गदर्शन कर सकें और भविष्य में अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में भारत के प्रदर्शन को बेहतर बना सकें.
नए क्षेत्रों में ऐसे कार्यक्रम जरूरी
उद्घाटन समारोह में बोलते हुए NRAI के महासचिव Pawan Kumar Singh ने Jharkhand State Rifle Association के अध्यक्ष Diwakar Singh और उनकी टीम को इस कोर्स की मेजबानी के लिए बधाई दी.

उन्होंने कहा कि नए क्षेत्रों में इस तरह के कार्यक्रम खेल के विकास के लिए बेहद महत्वपूर्ण हैं. इससे जमीनी स्तर पर मजबूत कोचिंग संरचना विकसित होगी.
‘टेबल से शूटिंग’ का नया प्रारूप होगा शुरू
उन्होंने बताया कि अगले वर्ष से ‘टेबल से शूटिंग’ नामक एक सरल प्रारूप शुरू करने की योजना है. इसमें छात्र टेबल सेटअप का उपयोग कर एयर राइफल या एयर पिस्टल शूटिंग का अभ्यास कर सकेंगे. इससे सीमित बुनियादी ढांचे वाले स्कूलों में भी इस खेल को शुरू करना आसान होगा.
NRAI के 75 वर्ष पूरे होने पर होंगे कार्यक्रम
उन्होंने बताया कि 7 अप्रैल 2026 को NRAI देश में शूटिंग खेलों की सेवा के 75 वर्ष पूरे करेगा. इस अवसर पर सभी राज्य राइफल संघों से अपने-अपने केंद्रों पर प्रतियोगिताएं, प्रशिक्षण शिविर और अन्य कार्यक्रम आयोजित करने का अनुरोध किया गया है, ताकि नई पीढ़ी के निशानेबाजों को प्रेरित किया जा सके.
झारखंड के लिए गर्व का अवसर
इस मौके पर JSRA के अध्यक्ष दिवाकर सिंह ने कहा कि झारखंड में NRAI कोचेज़ कोर्स की मेजबानी करना राज्य के लिए गर्व की बात है. इससे स्थानीय कोचों को पेशेवर प्रशिक्षण मिलेगा और राज्य के युवा निशानेबाजों को बेहतर मार्गदर्शन मिल सकेगा.

