उदित वाणी, जमशेदपुर: सेंट जॉन्स हाई स्कूल में शैक्षणिक सत्र 2025-26 की शुरुआत आज एक प्रेरणादायक ओरिएंटेशन मीटिंग के साथ हुई, जिसमें विद्यार्थियों, अभिभावकों एवं शिक्षकों की सक्रिय भागीदारी देखने को मिली. कार्यक्रम का उद्देश्य था छात्रों में अंग्रेज़ी संप्रेषण कौशल को प्रोत्साहन देना, स्कूल डायरी के सही उपयोग को समझाना और नियमित उपस्थिति की भूमिका पर प्रकाश डालना.
“कायज़ेन” को बनाया स्कूल मंत्र, सतत सुधार की ओर प्रेरित किया
विद्यालय की प्राचार्या आशु तिवारी ने अपने संबोधन में “कायज़ेन” को स्कूल का मंत्र घोषित करते हुए कहा कि यह शब्द जापानी मूल का है, जिसका अर्थ है “सतत सुधार”. उन्होंने कहा –”हमारा उद्देश्य केवल ज्ञान देना नहीं, बल्कि छात्रों को आत्मनिर्भर, संवादशील और वैश्विक मंच पर प्रतिस्पर्धा करने योग्य बनाना है. अंग्रेज़ी संप्रेषण कौशल आज की आवश्यकता है और हम इसे अपनी शिक्षा व्यवस्था में केन्द्रीय स्थान दे रहे हैं.”
अंग्रेज़ी: आत्मविश्वास और वैश्विक संवाद की भाषा
प्राचार्या ने कहा कि आज के दौर में अंग्रेज़ी केवल भाषा नहीं, बल्कि आत्मविश्वास और अवसर की कुंजी है. विद्यालय का प्रयास है कि प्रत्येक छात्र अंग्रेज़ी में प्रभावशाली ढंग से संवाद करना सीखे—चाहे वह लेखन हो या वक्तव्य—ताकि उनका सर्वांगीण विकास सुनिश्चित हो सके.
स्कूल डायरी: संचार का सेतु
ओरिएंटेशन सत्र में यह भी बताया गया कि स्कूल डायरी न केवल कार्यों के लेखा-जोखा का साधन है, बल्कि यह स्कूल और अभिभावकों के बीच संवाद का एक मजबूत माध्यम भी है. इसके नियमित और उचित उपयोग से शैक्षणिक अनुशासन और पारदर्शिता को बढ़ावा मिलता है.
नियमित उपस्थिति: अनुशासन की पहली सीढ़ी
कार्यक्रम में छात्रों को यह समझाया गया कि नियमित उपस्थिति ही अनुशासन, सीखने की निरंतरता और बेहतर प्रदर्शन की आधारशिला है. शिक्षकों ने अभिभावकों से अनुरोध किया कि वे बच्चों को समय पर स्कूल भेजने और शत-प्रतिशत उपस्थिति सुनिश्चित करने में सहयोग करें.
संकल्प: सर्वांगीण विकास की दिशा में अग्रसर
इस अवसर पर विद्यालय परिवार ने संकल्प लिया कि नवीन सत्र में प्रत्येक छात्र का मानसिक, शैक्षणिक और भावनात्मक विकास सुनिश्चित किया जाएगा. इस ओरिएंटेशन के माध्यम से छात्रों और अभिभावकों को एक सकारात्मक दिशा देने का प्रयास किया गया.
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