
उदित वाणी, जमशेदपुर : सीताराम डेरा थाना क्षेत्र के मानगो बस स्टैंड के समीप 10 जनवरी को हुई दर्दनाक सड़क दुर्घटना में बाइक सवार पति-पत्नी की मौत ने पूरे इलाके को शोक में डुबो दिया. सोमवार को जब दोनों का अंतिम संस्कार किया गया तो मानगो पोस्ट ऑफिस रोड स्थित विश्वकर्मा कॉलोनी से एक साथ दो अर्थी उठने का दृश्य हर किसी की आंखें नम कर गया. लाल कुमार और उनकी पत्नी नीलम की अंतिम यात्रा में पूरा क्षेत्र गमगीन हो उठा.
जिधर से अर्थी गुजरी, वहां खड़े लोग अपने आंसू नहीं रोक सके. महिलाएं चित्कार मारकर रोती रहीं. दो दिनों से माता-पिता के लौटने की आस लगाए बैठे दोनों मासूम बच्चे जब उन्हें इस हालत में देखे तो शवों से लिपटकर फूट-फूट कर रोने लगे. बच्चों की करुण चीख-पुकार ने माहौल को और भी हृदयविदारक बना दिया. परिजन उन्हें ढांढस बंधाते रहे और दोनों शवों को अंतिम संस्कार के लिए ले जाया गया, जो देर शाम संपन्न हुआ.
मृतक लाल कुमार पांच भाइयों में चौथे स्थान पर थे. घटना के बाद से ही परिवार गहरे आर्थिक और मानसिक संकट से गुजर रहा है. इधर, टाटा मोटर्स कंपनी के चेचिस प्रबंधक से वार्ता नहीं हो पाने को लेकर परिजनों में भारी नाराजगी है. मृतक के मौसेरे भाई महेश ने बताया कि कई बार मुआवजे को लेकर प्रबंधक से मिलने का आग्रह किया गया, लेकिन हर बार अनदेखी की गई. उन्होंने कहा कि उपायुक्त स्तर से भी संपर्क का प्रयास हुआ, फिर भी कंपनी का कोई अधिकारी सामने नहीं आया.
अब दोनों बच्चों के भविष्य को लेकर परिजन कोर्ट की शरण लेने की तैयारी में हैं. फिलहाल पोस्टमार्टम रिपोर्ट और घटनात्मक कागजी प्रक्रिया पूरी होने के बाद ही सरकार की ओर से मिलने वाली सहायता राशि प्रशासन के माध्यम से आश्रितों को मिल सकेगी. पूरे क्षेत्र में अब भी शोक और संवेदना का माहौल बना हुआ है.

