
उदित वाणी, जमशेदपुर: एक भारत, श्रेष्ठ भारत परिकल्पना के अंतर्गत भारत के विभिन्न राज्यों के बीच सांस्कृतिक एकता एवं पहचान के सुदृढ़ीकरण के लिए झारखंड के आदिवासी युवक, युवतियों का दल पोर्ट ब्लेयर स्थित रांची बस्ती पहुंचा.
भारत सरकार की योजना युवा संगम के अंतर्गत यह यात्रा संपन्न हुई. पोर्ट ब्लेयर की रांची बस्ती में झारखंड के लोग बड़ी संख्या में निवास करते हैं. वर्षों पूर्व झारखंड से पोर्ट ब्लेयर में जाकर निवास करने वाले आदिवासी अपनी सभ्यता, संस्कृति एवं परंपरा को विद्यमान रखे हुए हैं. पोर्ट ब्लेयर की रांची बस्ती 300 साल पुरानी है.
युवा संगम अभियान के अंतर्गत 45 आदिवासी युवा पोर्ट ब्लेयर की यात्रा कर रहे हैं. इस दौरान युवाओं ने कई ऐतिहासिक स्थलों का दौरा किया. इनमें बलिदान वेदी, नेताजी सुभाष चंद्र द्वीप, नया टर्मिनल हवाई अड्डा प्रमुख हैं.
समुद्र तट पर युवाओं ने सफाई अभियान भी चलाया. युवाओं के इस प्रतिनिधिमंडल ने बारातांग की भी यात्रा की. रांची वालों के नाम से मशहूर स्थानीय निवासियों से मुलाकात की.
उनके दैनिक जीवन, परंपराओं और सांस्कृतिक विशेषताओं का अध्ययन किया. यह लोग ब्रिटिश काल में छोटानागपुर से आकर यहां बस गए थे और तब से उन्होंने अपनी परंपरा एवं संस्कृति को जीवित रखा है.

