
उदित वाणी, जमशेदपुर : पूर्वी सिंहभूम जिले के झारखंड आंदोलनकारियों ने जिला प्रशासन से 26 जनवरी 2026 को गणतंत्र दिवस के अवसर पर प्रमाण/प्रशस्ति पत्र वितरण की स्थिति स्पष्ट करने की मांग की है. आंदोलनकारियों का कहना है कि झारखंड सरकार के गृह, कारा एवं आपदा प्रबंधन विभाग ने पत्र संख्या-14/विविध-19/2024-3108 दिनांक 30 जुलाई 2025 के माध्यम से सभी जिलों को झारखंड अलग राज्य आंदोलन में चिन्हित आंदोलनकारियों को सम्मानित करने का स्पष्ट निर्देश दिया था.
सरकारी निर्देश के अनुसार 15 अगस्त 2025 को ही प्रमाण पत्र वितरण हो जाना चाहिए था, लेकिन पूर्वी सिंहभूम में आज तक यह कार्य नहीं हुआ. इससे आंदोलनकारियों में गहरा असंतोष व्याप्त है. उपायुक्त पूर्वी सिंहभूम को 1 दिसंबर 2025 और 14 जनवरी 2026 को मांग पत्र सौंपे गए थे. बातचीत में कहा गया था कि 25 दिसंबर को वीर शहीद निर्मल महतो और 3 जनवरी को मारांग गोमके जयपाल सिंह मुंडा की जन्म जयंती पर प्रशस्ति पत्र दिए जाएंगे, लेकिन ऐसा नहीं हुआ.
गणतंत्र दिवस नजदीक होने के बावजूद जिला प्रशासन ने कोई स्पष्ट सूचना जारी नहीं की. आंदोलनकारियों ने उपायुक्त से ये सवाल उठाए हैं:
1. क्या 26 जनवरी को आंदोलनकारियों को प्रमाण/प्रशस्ति पत्र प्रदान किए जाएंगे?
2. यदि नहीं, तो राज्य सरकार के आदेश का पालन क्यों नहीं हुआ?
3. यदि हां, तो ग्रामीण-शहरी क्षेत्रों (सभी प्रखंडों) के आंदोलनकारियों को गोपाल मैदान में एक साथ सम्मान मिलेगा या प्रखंडवार? सूची कब और किस आधार पर तैयार हुई?
4. कितने आंदोलनकारियों को सम्मानित किया जाएगा? कार्यक्रम का समय-स्थान क्या होगा?
5. यदि सूची या प्रक्रिया अधूरी है, तो जिम्मेदार कौन?
6. पूर्वी सिंहभूम के आंदोलनकारियों को लगातार हाशिए पर क्यों रखा जा रहा?
आंदोलनकारियों ने कहा कि गणतंत्र दिवस संविधान, संघर्ष और बलिदान का सम्मान का दिन है. आंदोलनकारियों की उपेक्षा संवैधानिक मूल्यों और राज्य आदेश के विरुद्ध है. इस मुद्दे पर आंदोलनकारी नासिर खान ने आज एक्स (पूर्व ट्विटर) पर उपायुक्त को टैग कर ट्वीट भी किया.
आंदोलनकारियों ने उपायुक्त से अविलंब स्थिति स्पष्ट करने और 26 जनवरी को सम्मान सुनिश्चित करने की मांग की है. साथ ही चेतावनी दी कि ऐसा न होने पर लोकतांत्रिक विरोध करने को बाध्य होंगे.
